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मान सरकार के नेतृत्व में दलित छात्रों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित – चीमा

कहा, मान सरकार ने 1,17,346 विद्यार्थियों के लिए 91.46 करोड़ रुपए की राशि की जारी
आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद 2023-24 में पिछली सरकार का 2017 से 2022 तक का बकाया 366 करोड़ रुपए किया गया जारी
कांग्रेस-भाजपा-अकाली दलित विरोधी, पिछली सरकारों ने जानबूझकर दलित छात्रों की छात्रवृत्ति रोकी – आप
न केन्द्र ने अपना 60 प्रतिशत हिस्सा दिया और न ही पिछली राज्य सरकार ने अपना 40 प्रतिशत जारी किया, जिसके कारण लाखों एससी विद्यार्थियों की रूक गई डिग्री
पंजाब की पिछली कांग्रेस सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार ने स्कॉलरशिप के नाम पर दलित छात्रों के साथ धोखा किया, अकाली दल केन्द्र में गठबंधन के बावजूद कभी भी इस मुद्दे को नहीं उठाया
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के दलित छात्रों को मिलने वाली पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस भाजपा और अकाली दल पर हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि राज्य की पिछली सरकारों ने जानबूझकर दलित छात्रों की छात्रवृत्ति रोकी ताकि वह पढ़ न पाए। रविवार को पार्टी मुख्यालय चंडीगढ़ में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए आप पंजाब के वरिष्ठ नेता और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य की पिछली कांग्रेस सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार ने स्कॉलरशिप के नाम पर दलित छात्रों के साथ धोखा किया।
उन्होंने अकाली दल पर भी सवाल उठाया और कहा कि 2014 से 2020 तक अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल केन्द्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं लेकिन उन्होंने कभी भी इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष नहीं उठाया। इससे पता चलता है कि तीनों पार्टियां वोट के लिए दलितों के साथ सिर्फ छलावा करती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरपाल चीमा के साथ मोहाली से आप विधायक कुलवंत सिंह और बस्सी पठाना के विधायक रूपिंदर सिंह हैप्पी भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि स्कॉलरशिप रुकने का नतीजा यह हुआ कि दलित छात्रों की रजिस्ट्रेशन की संख्या में काफी कमी आ गई। 2020-21 में ढ़ाई लाख से घटकर यह आंकड़ा 1,76,000 पर पहुंच गया। वहीं जब आप सरकार ने पैसा जारी किया तब दलित छात्रों की पढ़ाई में फिर से रूचि बढ़ी जिसके कारण 2022-23 में यह संख्या 2 लाख 26 हजार हो गई और 2023-24 में यह संख्या और बढ़कर करीब 2 लाख 40 हजार पर पहुंच गई।
चीमा ने कहा कि पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना में केन्द्र सरकार 60 प्रतिशत हिस्सा देती है और राज्य सरकार 40 प्रतिशत, लेकिन 2017 के बाद न तो केन्द्र ने अपना 60 प्रतिशत हिस्सा दिया और न ही राज्य की पिछली कांग्रेस सरकार ने अपना 40 प्रतिशत जारी किया जिसके कारण लाखों दलित विद्यार्थियों की डिग्री रूक गई और हजारों की पढ़ाई बीच में ही रूक गई।
वहीं आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हमने 2023-24 में पिछली सरकार के दौरान 2017 से 2022 तक का बकाया 366 करोड़ जारी किया। 183 करोड रुपए जून 2023 में और 181 करोड रुपए अगस्त 2023 में। इससे हजारों विद्यार्थियों को राहत मिली और उनकी पढ़ाई दोबारा से शुरू हो सकी। इस साल भी बजट पास होते ही हमने राज्य सरकार का 40 प्रतिशत हिस्सा 91 करोड़ 46 लाख रुपए जारी कर दिया, जिससे 117346 दलित विद्यार्थियों को लाभ पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अभी भी 2017 से 2023 तक का स्कॉलरशिप के पैसे रोक रखी है।
इससे साबित होता है कि सिर्फ आम आदमी पार्टी ही दलित हितैषी है जो उनके बच्चों के भविष्य के बारे में सोचती है। हम अन्य पार्टियों की तरह दलित वोट की राजनीति नहीं करते। हम बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के सपनों को साकार कर रहे हैं जहां हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और बिना भेद भाव के उन्हें हर सुविधाएं मिलें।