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2024 का चुनाव लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई, हम तानाशाही के खिलाफ हैं लड़ रहे, बोले मान

सीएम मान ने आप के 13 लोकसभा उम्मीदवारों का करवाया परिचय, ‘आप के मिशन 13-0’ कार्यक्रम को किया संबोधित

‘सत्ता में एक तानाशाह, जो सिर्फ खुद के बारे में है सोचता,अपने बारे में करता है बात और विपक्षी नेताओं को करवा रहा गिरफ्तार’

खबर खास, चंडीगढ़ :

‘2024 का चुनाव लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई, हम तानाशाही के खिलाफ लड़ रहे हैं।’ यह कहना है मुख्यमंत्री भगवंत मान का। यहां  ‘आप के मिशन 13-0’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सत्ता में एक तानाशाह, जो सिर्फ खुद के बारे में सोचता है, खुद के बारे में बात करता है और विपक्षी  नेताओं को गिरफ्तार करवा रहा है। आज यहां आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को पार्टी कार्यकर्ताओं और मीडियाकर्मियों से परिचित करवाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस मौके पर मान ने कहा कि ‘आप के उम्मीदवार वंशवादी नेता नहीं हैं। वे सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं। सामान्य परिवारों से आने वाले लोग ही संसद में आम लोगों की आवाज बनते हैं।’ मान ने कहा कि 2024 का आम चुनाव जीत या हार का नहीं है। यह तानाशाही के खिलाफ लड़ाई है। यह हमारे लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। हमारा देश आज बड़े संकट से जूझ रहा है।

मान ने कहा कि जब तानाशाही, अन्याय और अत्याचार का बोलबाला होता है तो भगवान इन सभी बुराइयों से हमें मुक्त कराने के लिए अपने झाड़ू का इस्तेमाल करते हैं। मैं अभी गुजरात से वापस आ रहा हूं। इससे पहले मैं असम और कुरूक्षेत्र में था। हर जगह लोग एक ही बात कह रहे थे कि बीजेपी और नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से डर गए हैं। इसलिए उन्होंने केजरीवाल को रोकने के लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मान ने कहा कि लोग कह रहे हैं कि वे बीजेपी के इन अत्याचारों का जवाब अपने वोट से देंगे। उन्होंने नारा दिया, ‘ज़ुल्म दा जवाब वोट से। मान ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सिर्फ एक व्यक्ति नहीं हैं, वह एक विचार हैं। वे अरविंद केजरीवाल के शरीर को जेल में डाल सकते हैं, वे उनकी सोच को कैसे रोकेंगे?

उन्होंने कहा कि अब पार्टी के हर सिपाही की जिम्मेदारी है कि वह केजरीवाल की ओर से शुरू की गई काम की राजनीति, पारदर्शी और ईमानदार राजनीति को बचाए रखे और उसे आगे बढ़ाए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने रामलीला मेदान में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर इस पार्टी को बनाया और मात्र दस साल में यह राष्ट्रीय पार्टी बन गई। उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल हमारे दल की तरह विकसित नहीं हुआ। दो राज्यों में हमारी सरकार है, हमारे 10 राज्यसभा सांसद हैं। गुजरात में हमारे 5 विधायक हैं। गोवा में हमारे 2 विधायक हैं। चंडीगढ़ में हमारा मेयर हैं। मध्य प्रदेश के सिंगरौली में हमारे पास नगर पार्षद अध्यक्ष है। और दिल्ली नगर निगम में हमारे पास बहुमत है। भाजपा आम आदमी पार्टी की लोकप्रियता और हमारी देशभक्ति व ईमानदार राजनीति को बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। मैं समझता हूं कि बीजेपी यह सब क्यों पचा नहीं पाती है, क्योंकि वे जानते हैं कि जहां भी आम आदमी पार्टी जाती है, बीजेपी वहां खत्म हो जाती है। अरविंद केजरीवाल जहां भी जाते हैं, वहां भ्रष्टाचार की राजनीति खत्म करते हैं और जनहितैषी सरकारें बनती हैं। लेकिन वे नहीं जानते कि वे हमें रोक नहीं सकते और डरा नहीं सकते।

मान ने कहा कि यहां कोई भी किसी मंत्री या मुख्यमंत्री का बेटा नहीं है। हमारे सभी विधायक, मंत्री और लोकसभा उम्मीदवार सामान्य परिवारों से हैं। मान ने कहा कि उन्हें (पारंपरिक राजनेताओं को) यहां तक दिक्कत है कि अरविंद केजरीवाल ने आम लोगों को एक मंच और मौका दिया और आम लोग विधायक और मंत्री चुने गए क्योंकि वे अब राजनीतिक गंदगी साफ कर रहे हैं।

मान ने कहा कि वह हर निर्वाचन क्षेत्र में 3-4 बार जाएंगे, लेकिन सिर्फ मुझे वोट न दें। अपने लिए, अपने अधिकारों के लिए, अपने बच्चों के लिए वोट करें। संविधान के लिए और लोकतंत्र को बचाने के लिए वोट करें। तानाशाही को खत्म करने के लिए वोट करें।

मान ने कहा कि दिल्ली में भाजपा सत्ता में थी, उन्होंने हमारे किसानों को दिल्ली में नहीं घुसने दिया। अब हमारे किसान उन्हें गांवों में नहीं जाने दे रहे हैं। यह उचित ही है क्योंकि इन पारंपरिक राजनेताओं ने कभी भी आम लोगों का पक्ष नहीं लिया। आज वे जो कुछ भी झेल रहे हैं वह उनके जनविरोधी निर्णयों और कार्यों का परिणाम है। पंजाब को लूटकर वे और भी अधिक अमीर हो गये और पंजाब को वित्तीय संकट में छोड़ दिया। वे हर कारोबार में हिस्सेदारी लेते थे। जमीनों पर अवैध कब्जा कर लेते थे। लेकिन, हमने सत्ता में आने के बाद से केवल पंजाब के लोगों के लिए काम किया। मैंने कोई जमीन नहीं खरीदी, लेकिन पंजाब के लोगों को मुफ्त बिजली देने के लिए एक थर्मल पावर प्लांट खरीदा। ट्रांसपोर्ट कंपनी, रेत खदानों या ढाबों में मेरी कोई हिस्सेदारी नहीं है। मैं पंजाब के लोगों की समस्याओं और दुखों को साझा करता हूं।

मान ने कहा कि अब समय बदल गया है। कल गुजरात के भरुच में आम आदमी पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में लोगों की सुनामी आ गई थी। हर कोई आम आदमी पार्टी के साथ है। हम जिन सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं वे सभी सीटें जीतेंगे। हम पंजाब में 13-0 से जीतेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन चुनावों में समर्पित होकर काम करने को कहा और बताया कि बड़े परिवारों में छोटे-मोटे मुद्दे आम बात हैं। चुनाव के बाद हम उन्हें सुलझा लेंगे। सबसे पहले हमें अपने लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि वे सोचते हैं कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करके वे आम आदमी पार्टी को रोक लेंगे, लेकिन वे गलत हैं। हम बड़ी और एकतरफा जीत दर्ज करेंगे।

मान ने कहा कि पहले पारंपरिक पार्टियां अपने चुनाव में घोषणापत्र और संकल्प पत्र जारी करती थीं लेकिन अब वे अरविंद केजरीवाल की नकल करते हुए गारंटी शब्द भी कहने लगे हैं। लेकिन वे लोगों को गुमराह नहीं कर सकते। सभी जानते हैं कि केवल अरविंद केजरीवाल के वादे ही पूरे होते हैं। बीजेपी जुमला पार्टी है। मान ने कहा कि मैं संसद में भी कहता था कि 15 लाख की रकम लिखता हूं स्याही सूख जाती है, काले धन की बात करता हूं तो कलम रुक जाती है, हर बात ही जुमला निकली, अब तो ये भी शक है कि चाय बनती है!

उन्होंने कहा कि सिलेंडर जैसी दैनिक उपयोग की चीजों को अब थोड़ा सस्ता करके वे लोगों को मूर्ख बना रहे हैं। जबकि आम आदमी पार्टी सरकार लोगों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है। आज 90% घरों में शून्य बिजली बिल आ रहे हैं। हमने सरकारी स्कूलों को विश्व स्तरीय बनाया है जहां बच्चों को मुफ्त में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। हमने 800 से अधिक मोहल्ला क्लीनिक खोले हैं जहां आम लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है। अब 1 जून को पंजाब में चुनाव के दिन फिर से ‘झाड़ू’ का बटन दबाएं और हमारे उम्मीदवारों को संसद में भेजें। मान ने कहा कि पंजाब ने हमेशा उत्पीड़न, तानाशाही और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। इस बार रिकॉर्ड बनाएं और आप को 13-0 से जिताएं।

मान ने कहा कि यह देश यहां के लोगों का है। इसकी आजादी के लिए हमारे पूर्वजों ने लाखों बलिदान दिये। यह किसी की भी निजी संपत्ति है। वे कौन होते हैं जो हमारे किसानों को हमारी राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश नहीं करने देने वाले। वे कौन होते हैं भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और लाला लाजपत राय की तस्वीरों वाली पंजाब की झांकी को अस्वीकार करने वाले। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को नष्ट करने की उनकी कोशिश, संविधान के प्रति उनकी अवहेलना, किसानों के खिलाफ उनके अत्याचार और नफरत की राजनीति का बदला इस बार अपने वोटों से दें।