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अमेठी से लोकसभा चुनाव लडऩे की तैयारी में राबर्ट वाड्रा, कहा लोग चाहते है मैं प्रतिनिधित्व करुं..!

नई दिल्ली. प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने आज कहा कि अमेठी के लोग चाहते हैं कि वह मौजूदा सांसद स्मृति ईरानी के खिलाफ निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ें. उन्होंने कहा कि अमेठी की जनता को अपनी गलती समझ आ गई है और मुझे लगता है कि अब वे चाहते हैं कि गांधी परिवार का कोई सदस्य इस निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करे. उन्होंने कहा कि यहां तक कि मुझे अमेठी के लोगों से भी अनुरोध मिलता है कि अगर मैं राजनीति में शामिल होऊं तो मुझे अमेठी को चुनना चाहिए. मुझे याद है प्रियंका के साथ मेरा पहला राजनीतिक अभियान 1999 में अमेठी में था.

2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी एक हॉट सीट बन गई जब स्मृति ईरानी ने दशकों तक गांधी के गढ़ रही इस सीट से राहुल गांधी को हराया. राहुल गांधी ने 2004, 2009 व 2014 में अमेठी से जीत हासिल की लेकिन स्मृति ईरानी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया. कांग्रेस ने अभी तक अमेठी व रायबरेली के लिए उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है जबकि राहुल गांधी ने वायनाड से अपना नामांकन दाखिल किया है. मौजूदा सांसद सोनिया गांधी के राज्यसभा में चले जाने से इस बार अमेठी के अलावा रायबरेली का भी महत्व बढ़ गया है. अटकलें लगाई जा रही थीं कि राहुल गांधी 2019 की तरह अमेठी व वायनाड दोनों सीटों से चुनाव लड़ेंगे. वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली से चुनावी शुरुआत कर सकती हैं. लेकिन दोनों पर कोई पुष्टि न होने से सस्पेंस बरकरार रहा. अब रॉबर्ट वाड्रा के बयान ने एक बड़ा संकेत दिया है कि वह अमेठी से चुनाव लडऩे के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अमेठी मौजूदा सांसद से नाराज है और अमेठी की जनता उनकी गलती समझ चुकी है. मौजूदा सांसद गांधी परिवार पर आरोप लगाने के लिए खूब शोर मचाने के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर रही हैं. गांधी परिवार ने सालों तक रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में कड़ी मेहनत की. रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि अब जब अमेठी के लोग राहुल गांधी के बजाय स्मृति ईरानी को चुनने के लिए पछता रहे हैं. तब मुझे लगता है कि वे चाहते हैं कि गांधी परिवार का कोई सदस्य उनका प्रतिनिधित्व करे. वे मुझसे भी कहते हैं कि अगर मैं सांसद बनना चाहता हूं तो अमेठी के बारे में भी विचार करूं. जिन लोगों के साथ मैंने वहां काम किया वे आज भी मेरे संपर्क में हैं. वे मुझे मेरे जन्मदिन पर शुभकामनाएं देते हैं. वे सोशल मीडिया के माध्यम से मुझ तक पहुंचते हैं. वे जानते हैं कि मैं चैरिटी में कितना जुड़ा हूं इसलिए वे भी मेरे जन्मदिन पर ऐसे शिविर आयोजित करते हैं.