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#RajyasabhaElection उत्तर प्रदेश में राज्यसभा और लोकसभा के चुनाव किसके लिए चुनौती?

अभिमनोज. उत्तर प्रदेश में जोड़तोड़ की राजनीति के चलते राज्यसभा और लोकसभा के चुनाव बीजेपी और सपा-कांग्रेस, दोनों पक्षों के लिए चुनौती बने हैं!
हालांकि, लोकसभा चुनाव में बीजेपी का पलड़ा भारी है और जहां-जहां पचास प्रतिशत से उपर वोट मिलने की संभावनाएं है, वहां तो बीजेपी को कोई खतरा नहीं है, लेकिन सपा-कांग्रेस गठबंधन के कारण करीब एक चौथाई सीटों पर कड़ी टक्कर है, मतलब…. बीजेपी के लिए 2019 की सीटें बचाने की चुनौती है?
उधर, सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करके अपनी स्थिति तो मजबूत की है, लिहाजा लोकसभा चुनाव में तो सपा-कांग्रेस, दोनों को सीटों का फायदा हो सकता है, लेकिन राज्यसभा चुनाव चुनौती बने हैं!
पहले जयंत चौधरी, अखिलेश यादव का साथ छोड़कर चले गए, पल्लवी पटेल भी उनसे खुश नहीं है, तो खबरों की मानें तो राज्यसभा चुनाव से पहले सपा के आधा दर्जन से ज्यादा विधायक बीजेपी के करीब हैं, सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, तो इसके बाद वरिष्ठ नेता सलीम शेरवानी ने भी समाजवादी पार्टी छोड़ दी, मौर्य ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी को रिलॉन्च किया है, सपा ने राज्यसभा चुनाव को लेकर सोमवार को जो बैठक बुलाई थी, उसमें 6-7 विधायक नहीं पहुंचे थे, सियासी आशंका है कि- ये विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं?
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 11 उम्मीदवार मैदान में हैं, बीजेपी ने 7 सीटों पर तो सपा ने 3 सीटों पर उममीदवार उतारे थे, लेकिन अचानक बीजेपी ने संजय सेठ के तौर पर 8वां उम्मीदवार उतारकर नई चुनौती खड़ी कर दी?
याद रहे, सपा ने राज्यसभा चुनाव में जया बच्चन, आलोक रंजन और रामजी सुमन को अपना उम्मीदवार बनाया है.
अब चुनावी गणित ऐसे उलझी है कि- सुभासपा के विधायक अब्बास अंसारी और सपा विधायक इरफान सोलंकी अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं, सपा के 108 विधायक हैं, कांग्रेस के 2 और बसपा का 1 विधायक है, सपा को 3 राज्यसभा सीट जीतने के लिए 111 वोट चाहिए, अगर इरफान सोलंकी समेत सपा के सभी विधायक पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में वोट करते हैं और कांग्रेस विधायकों के साथ ही बसपा के विधायक का वोट भी मिल जाता है, तब तो पार्टी का तीसरा विधायक चुनाव जीत सकता है, लेकिन जरा-सी भी कमी हुई तो सपा का तीसरा उम्मीदवार हार जाएगा?
ताजा बड़ा झटका यह लगा है कि जनसत्ता दल के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने साफ कर दिया है कि- वह और उनके दूसरे विधायक बीजेपी के साथ हैं और मंगलवार को बीजेपी के पक्ष में मतदान करेंगे!
देखना दिलचस्प होगा कि सपा अपने तीसरे उम्मीदवार को जीत दिला पाती है या नहीं?
#Elections2024 इंडिया गठबंधन बिखर रहा है, लेकिन…. कांग्रेस को तो फायदा हो रहा है?

https://www.palpalindia.com/2024/02/08/delhi-India-alliance-weak-Congress-benefits-Mamata-Banerjee-RJD-Arvind-Kejriwal-news-in-hindi.html