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रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के तहत कर्जों के वितरण पर लगाएं पूरा जोर

चंडीगढ़: प्रदेश में रोजगार पैदा करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत कर्जों के वितरण पर बैंकों को पूरा जोर लगाने के निर्देश देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पीएनबी और स्टेट लेवल बैंकरज कमेटी में शामिल अन्य बैंकों को मार्च 2024 त राज्य में स्टार्टअप्पस के लिए मुद्रा और अन्य कर्ज़ों के वितरण के निर्धारित किये गये अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कहा।

उन्होंने कहा कि बैंक की तरफ से इन कर्जों के वितरण के मौके पर राज्य में एस. सी/ एस. टी भाईचारे और महिलाओं के सशक्तिकरण, नौजवानों के द्वारा शुरू किये गए स्टार्टअप्प, और माईक्रो, लघु और दर्मियाने उद्योगों की मज़बूती पर केंद्रित योजनाओं पर विशेष ज़ोर दिया जाये। वह शुक्रवार को पंजाब भवन में राज्य सभा के मैंबर और वित्त संबंधी संसदीय सलाहकार कमेटी के मैंबर विक्रमजीत सिंह साहनी के साथ लीड बैंकों की मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे। यह मीटिंग प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पी. एम. एम. वाई), प्रधानमंत्री रोज़गार उत्पत्ति प्रोग्राम (पी. एम. ई. जी. पी), और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन आदि के अंतर्गत स्वै-रोज़गार और स्टार्टअप्प के लिए इन बैंकों द्वारा दिए गए कर्ज़ों की मात्रा का पता लगाने के लिए बुलाई गई थी। इन योजनाओं के अंतर्गत राष्ट्रीकृत बैंकों की तरफ से नौजवान उद्यमियों को 50,000 से 2 करोड़ रुपए तक दे कर्ज़े की सुविधा दी जा रही है।

वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि उद्योग और वाणिज्य विभाग ने आई. टी. आई के पास विद्यार्थियों को 10 लाख रुपए तक के छोटे प्रोजेक्टों के लिए कर्ज़े के वितरण को उत्साहित करने के लिए बैंकों को एक अर्ध-सरकारी (डी. ओ) पत्र लिखा है। उन्होंने आगे कहा कि बैंकों को भेजे गए आई. टी. आई. के विद्यार्थियों के 623 मामलों के विरुद्ध सिर्फ़ 52 मामलों को ही मंज़ूरी दी है। हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि उनको पूरी उम्मीद है कि बैंक जल्दी ही अपनी कारगुज़ारी में सुधार करेंगे क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा उनको अपना पूरा सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में बैंकों की कारगुज़ारी की समीक्षा करने के लिए जल्दी ही उनके साथ एक और मीटिंग करेंगे।

इस दौरान विक्रमजीत सिंह साहनी ने बैंकों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ( पी. एम. एम. वाई.) की तीनों शिशु, किशोर और तरुन स्कीमों के अंतर्गत कर्ज़े बाँटने के लिए ज़ोर देते हुये कहा कि वह सिर्फ़ छोटे कर्ज़ों तक ही सीमित न रहें। उन्होंने कहा कि भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिया है कि यदि नौजवानों को यह कर्ज़े देने में कोई कमियां हैं तो ज़रूरत पड़ने पर वह दख़ल देंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व अधीन पंजाब सरकार रोज़गार के मौके पैदा करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है और नौजवानों को हुनरमंद बनाने, किसानों को मज़बूत करने और समाज के कमज़ोर वर्गों को ऊँचा उठाने के लिए कई प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अलग-अलग बैंकों की लगभग 6300 ब्रांचें हैं और यदि हरेक शाखा अलग-अलग स्कीमों के अधीन कम से कम 5 कर्ज़ केस पास करती है तो इससे राज्य के 30,000 से अधिक नौजवानों के भविष्य को उज्जवल करने में मदद मिलेगी।

इससे पहले, पी. एम. एम. वाई., पी. एम. ई. जी. पी., एस. सी. / एस. टी. और/ या महिला उद्यमियों की वित्तीय सहायता के लिए स्टैंड-अप इंडिया स्कीम, ’कृषि बुनियादी ढांचा फंड के अंतर्गत वित्तीय सुविधा’ के लिए केंद्रीय सैक्टर योजना’, माईक्रो फूड प्रोसेसिंग ऐंटरप्राईज़ स्कीम, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, और प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैंडर आत्मा निर्भर निधी आदि के अंतर्गत बैंकों द्वारा दिए गए कर्ज़ों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक पावर प्वाइंट पेशकारी की गई।

मीटिंग में वित्त, कृषि और किसान कल्याण बाग़बानी, उद्योग और वाणिज्य, पशु पालन और स्थानीय निकाय विभागों के सीनियर अधिकारी और लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक और स्टेट लेवल बैंकरज़ कमेटी में शामिल अन्य बैंकों के सीनियर प्रतिनिधि उपस्थित थे