श्रावस्ती : खुल गया जिला अस्पताल का काला चिट्ठा, फर्जी ID से बना दिए 7000 जन्म प्रमाणपत्र

श्रावस्ती: चंद रुपयों के लिए जालसाजों ने जिला अस्पताल की फर्जी आइडी बनाकर सात हजार जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिए। सभी जन्म प्रमाणपत्र सीएमएस (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हैं। मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जिला अस्पताल में जन्मे बच्चों को मिलने वाली पर्ची से यहां …
 
श्रावस्ती : खुल गया जिला अस्पताल का काला चिट्ठा, फर्जी ID से बना दिए 7000 जन्म प्रमाणपत्र

श्रावस्ती: चंद रुपयों के लिए जालसाजों ने जिला अस्पताल की फर्जी आइडी बनाकर सात हजार जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिए। सभी जन्म प्रमाणपत्र सीएमएस (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक) के डिजिटल हस्ताक्षर से जारी हैं। मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जिला अस्पताल में जन्मे बच्चों को मिलने वाली पर्ची से यहां तैनात कंप्यूटर सहायक द्वारा जन्म प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इस पर सीएमएस के डिजिटल हस्ताक्षर होते हैैं। इसके लिए चिकित्सालय की आइडी-91440 है। इससे इतर 90347 आइडी बनाकर फर्जी जन्म प्रमाणपत्र कर दिए गए। यह खेल कब से चल रहा है, इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।

जिला अस्पताल में एक सप्ताह पहले एक महिला बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र व आधारकार्ड बनवाने आई थी। कंप्यूटर आपरेटर संतोष ने अस्पताल की डिस्चार्ज पर्ची मांगी तो महिला चली गई। अगले दिन वह जन्म प्रमाणपत्र लेकर कंप्यूटर सहायक के पास पहुंची और कहा कि यह लो प्रमाणपत्र बन गया है। जन्म प्रमाणपत्र कहां से बना, यह पूछने पर महिला ने संतोष को मुहम्मद रियाज का नाम व मोबाइल नंबर दिया। आपरेटर ने सीएमएस डा. जेता सिंह को इससे अवगत कराया।

सीएमएस के निर्देश पर आपरेटर ने ग्राहक बनकर संबंधित मोबाइल फोन पर बात की और जन्म प्रमाणपत्र बनाने को कहा। युवक ने डेढ़ सौ रुपये मांगे। आपरेटर ने गूगल-पे (यूपीआइ एप) से डेढ़ सौ रुपये उसके नंबर पर भेज दिए। थोड़ी देर बाद जन्म प्रमाणपत्र का पीडीएफ उसके फोन पर आ गया। प्रमाणपत्र पर लगा क्यूआर कोड स्कैन करने पर उसमें किसी दूसरे का नाम, पता मिला। पड़ताल में पता चला कि जिला अस्पताल द्वारा जारी क्रमांक पर ही वह दूसरा प्रमाणपत्र बना रहे थे। क्रमांक के मुताबिक अब तक सात हजार प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। सीएमएस ने इसकी सूचना एसपी व भिनगा कोतवाली में दी।

कितने फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बने हैं और इनका क्या प्रयोग हो रहा है, इन्हें किस उद्देश्य से इन्हें बनाया गया है। सभी बिंदु विवेचना का हिस्सा हैं। आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की जाएगी।

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