Friday , July 12 2024

पंजाब : गरीब परिवारों के लिए चावल वितरण में हुए 1.55 करोड़ रुपए के घोटाले का पर्दाफाश

विजिलेंस ने तीन आरोपियों को 1,138 बोरियों से भरे दो ट्रकों समेत किया गिरफ्तार

खबर खास, चंडीगढ़ :
विजिलेंस ब्यूरो ने गरीब परिवारों के लिए चावल वितरण में हुए 1.55 करोड़ रुपए के घोटाले का पर्दाफाश करते हुए
चावल की 1,138 बोरियों से भरे दो ट्रक ज़ब्त किए है। विजिलेंस ब्यूरो ने शिव शक्ति राइस मिल, गढ़शंकर, जि़ला होशियारपुर के मालिक गोपाल गोयल समेत दो ट्रक चालकों जगपाल सिंह और सुखविंदर सिंह को गिरफ़्तार किया है।

इस बारे में विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में जय जैनेंद्र फर्म के ठेकेदार हरीश दलाल, शिव शक्ति राइस मिल, गढ़शंकर, होशियारपुर के मालिक गोपाल गोयल, अंजनी राइस मिल कुत्तीवाल कलां, मोड़ मंडी, बठिंडा के मालिक, ट्रक ड्राईवर जगपाल सिंह और सुखविंर सिंह विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के अंतर्गत विजिलेंस ब्यूरो के थाना बठिंडा रेंज में केस दर्ज किया गया है।

उन्होंने बताया कि भविष्य की जांच दौरान भारतीय ख़ुराक निगम के संबंधित अधिकारियों/ कर्मचारियों के इलावा ग्लोबल वेयरहाऊस के अधिकारियों/ कर्मचारियों/ निगरानों की भूमिका भी विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘ भारत ब्रांड’ योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय सहकारी खपतकार फेडरेशन आफ इंडिया की तरफ से बठिंडा, भुच्चो, मोड़, रामपुरा फूल और बुढलाडा के गरीब परिवारों को लगभग 70, 000 मीट्रिक टन चावल बाँटे जा रहे थे, जिनकी कीमत लगभग 130 करोड़ रुपए बनती है। इनमें से 1000 मीट्रिक टन चावल 5 किलो और 10 किलो के थैलों में 18. 50 प्रति किलो के हिसाब से बाँटे जाने था। बठिंडा जि़ले में 29 रुपए प्रति किलो के हिसाब के साथ यह चावल लाभपात्रियों को स्पलाई करने का टैंडर जय जैनेंद्र फर्म को दिया गया था।
वक्ता ने आगे कहा कि विजिलेंस ब्यूरो को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि लाभपात्रियों के 3. 40 करोड़ रुपए के चावलों में गबन करने की कोशिश की जा रही है। सूचना पर कार्यवाही करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने चावल की 1138 बोरियों के साथ लदे 2 ट्रक ज़ब्त कर लिए हैं, जो फतेहाबाद के कस्बा हमजापुर भेजे जाने थे। परन्तु टैंडर फर्म ने चावलों को आगे चावल- फऱोश को सीधे बेचने के इरादे के साथ न तो चावलों की सफ़ाई नहीं की और न ही चावल बोरियों में भरे।
पड़ताल दौरान यह भी सामने आया कि उक्त फर्म गरीब लोगों के लिए रखे सरकारी स्टाक को 34 रुपए प्रति किलो के हिसाब के साथ महंगे भाव बेच कर गबन करना चाहती थी। वक्ता ने आगे बताया कि जै जनेंदर फर्म के मालिकों ने हरीश कुमार नामक दलाल और भारतीय ख़ुराक निगम के अनजाने आधिकारियों के द्वारा इस गोदाम के अधिकारियों/ कर्मचारियों/ निगरानों के साथ मिलीभगत करके ग्लोबल वेयरहाऊस (स्रोत वेयरहाऊस), मोड़ मंडी से चावल हासिल करके रिश्वत देने के बाद इन चावलों की बोरियाँ को अंजनी राइस मिल, कुत्तीवाल कलाँ, मोड़ मंडी में भेज दिया और इसके बाद चावल की बोरियों को इन ट्रकों के द्वारा शिव शक्ति राइस मिल, गढ़शंकर जि़ला होशियारपुर ले जाया जाना था। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्धित उक्त सभी मुलजिमों और उक्त फर्मों के मालिकों खि़लाफ़ केस दर्ज किया गया है और आगे वाली कार्यवाही जारी है।

The post पंजाब : गरीब परिवारों के लिए चावल वितरण में हुए 1.55 करोड़ रुपए के घोटाले का पर्दाफाश first appeared on Khabar Khaas.