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पीएसडीएम ने किया माइक्रोसाफ्ट के साथ एमओयू

इससे पंजाब के दस हजार युवाओं को किया जाएगा कौशल प्रशिक्षण प्रदान 

सीएम मान के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए वचनबद्ध : अमन अरोड़ा
खबर खास, चंडीगढ़:
सीएम भगवंत मान सरकार की ओर से पंजाब के युवाओं के कौशल और कार्यकुशलता में वृद्धि के लिए पंजाब कौशल विकास मिशन यानि पीएसडीएम ने माइक्रोसाफ्ट के साथ एक एमओयू साइन किया है। इससे एक साल में 10 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस एमओयू पर निदेशक पीएसडीएम अमृत सिंह और माइक्रोसाफ्ट कारपोरेशन इंडिया प्राईवेट लिमिटड में एजुकेशन के कंट्री हैड संजय ढींगरा ने हस्ताक्षर किए।
वहीं, इस समझौते के लिए पूरे विभाग को बधाई देते हुए पंजाब के रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह समझौता पंजाब के दस हजार युवाओं को क्लाउड, आर्टिफिशयल इंटेलिजंस, साइबर सुरक्षा और सस्टेनिबिलटी, डिजिटल प्रोडेक्टिविटी, रोजग़ार, इंग्लिश कम्यूनिकेशन स्किल, प्रौद्यौगिकी और उद्धम कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में अहम सिद्ध होगा। उन्होंने दोहराया कि विभाग द्वारा पंजाब के युवाओं को रोजग़ार के अवसर प्रदान करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है। समझौतो संबंधीं विस्तार में जानकारी देते हुए अमृत सिंह ने बताया कि साल 2024- 25 के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ किए गए इस समझौते में ऐसीं अलग- अलग पहलकदमियां शामिल है, जो पी.एस.डी.एम. के सहयोग के साथ शिक्षार्थियों की विशेष ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि इन पहलकदमी का उदेश्य सांसारिक ज़रूरतों अनुसार युवाओं के कौशल और योग्यता को बढ़ाना है जिससे उनको ए.आई.के बोलबाले वाली अर्थव्यवस्था में रोजग़ार के अवसरों के समर्थ बनाया जा सके।

उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि रोजग़ार उत्पति, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग उद्योग की ज़रूरतों अनुसार कौशल मानवीय शक्ति प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य कंपनियों के साथ भी ऐसे समझौते सहीबद्ध किए जाएंगे।

समझौते के मुख्य पहलू
-दस हज़ार ग्रामीण युवाओं, युवतियों, लड़कियों और दिव्यांगजनों की कार्यकुश्लता में वृद्धि के लिए फाऊंडेशनल डिजिटल, रोजग़ार योग्यता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सम्बन्धित कौशल का विकास।

-रोजग़ार उत्पति विभाग के पास रजिस्टर्ड नौकरी तलाश रहे युवाओं को उद्योग की ज़रूरत अनुसार डिजिटल कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।

– तकनीकी और पेशेवर शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए ट्रेनरों के द्वारा क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजैंस, सुरक्षा और सस्टेनिबिलटी ( ग्रीन स्किल) के बारे में जागरूकता और प्रशिक्षण प्रोगराम।

– आधुनिक नागरिक सेवाओं को ज्यादा उचित ढंग से प्रदान करने के लिए डिजिटल प्रोडक्टिविटी स्किल और आर्टिफिशियल इंटेलिजैंस का प्रयोग सम्बन्धित कौशल प्रदान करके सरकारी कर्मचारियों के समर्थ में विस्तार करना है।

-युवाओं को रोजग़ार मौकों के समर्थ बनाने के लिए हाई स्कूल शिक्षा, अंडरग्रैजुएट कोर्स और रोजगार प्रशिक्षण दौरान युवाओं में इंग्लिश कम्यूनिकेशन स्किल, 21वीं सदी के कौशल और ए.आई. में रोजग़ार की संभावनाओं प्रति जागरूकता पैदा करना।

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