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पेगासस जासूसी कांड की जांच कराएगा इजराइल, गठित की मंत्रियों की टीम

नई दिल्ली। दुनिया के 17 मीडिया संस्थानों ने मिलकर पेगासस प्रोजेक्ट का खुलासा किया है, जिसमे दावा किया गया है कि दुनियाभर के 50 हजार फोन को टैप किया गया है, भारत में भी 300 लोगों के फोन को टैप किए जाने का दावा किया गया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारत में सियासी पारा काफी बढ़ गया है और विपक्ष लगातार सरकार को इस मसले पर घेर रहा है और इसकी जांच की मांग कर रहा है। हालांकि भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से निराधार है और इसमे कोई तथ्य नहीं है। लेकिन अब पूरे मामले की इजराइल जांच करने की योजना बना रहा है।

बता दें कि पेगासस एनएसओ कंपनी का स्पाइवेयर है जिसका इस्तेमाल फोन को टैप करने के लिए किया जाता है। यह इजराइल की कंपनी है। कंपनी का दावा है कि हम यह स्पाइवेयर सिर्फ देश की सरकार को देते हैं जिसका इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए किया जाता है। लेकिन जिस तरह के सनसनीखेज आरोप लगे हैं उसके बाद माना जा रहा है कि इजराइल वरिष्ठ मंत्रियों की टीम का गठन इन आरोपों की जांच के लिए करने जा रहा है।

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वहीं भारत में सूचना और तकनीक की संसद की स्टैंडिंग कमेटी के नेता शशि थरूर भी इस मामले की जांच कर सकते हैं। सूत्र के अनुसार शशि थरूर की अगुवाई में इस मामले की जांच हो सकती है कि आखिर इन नंबर को टैप करने का आदेश किसने दिया। रिपोर्ट के अनुसार इजराइल की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह पेगासस जांच टीम की अगुवाई करे।

माना जा रहा है कि इजराइल की सरकार इसलिए यह जांच कराने जा रही है ताकि जासूसी कांड के खुलासे के बाद अन्य देशों के साथ उसके कूटनीतिक रिश्तों पर असर नहीं पड़े। पेगासस के गलत इस्तेमाल की खबर भारत, फ्रांस, मेक्सिको, मोरक्को और इराक जैसे देशों में भी सामने आई है। अहम बात है कि इस स्पाइवेयर के जरिए 10 प्रधानमंत्री, तीन राष्ट्रपति और एक किंग तक को निशाना बनाया गया है।

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