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मिनरल्स का पावर हाउस है सिंघाड़ा, इन्फर्टिलिटी से लेकर पीलिया-थायरॉयड तक इन बीमारियों को करता कंट्रोल

तालाब में उगने वाले तिकोने से सिंघाड़े में इतने औषधीय गुण होते हैं कि लोग इसे मिनरल्स का पावर हाउस कहते हैं. इसको लोग कच्चा और उबालकर खाते हैं. कुछ जगहों पर इसकी सब्जी और अचार भी बनाकर इसका सेवन किया जाता है. सिंघाड़े में विटामिन-ए-सी, मैंगनीज, थायमाइन, कर्बोहाईड्रेट, टैनिन, सिट्रिक एसिड, रीबोफ्लेविन, एमिलोज, फास्फोराइलेज, प्रोटीन, फैट आदि ढेरों पोषक तत्व पाए जाते हैं.

जो महिला और पुरुष इन्फर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए सिंघाड़े का सेवन काफी लाभकारी साबित हो सकता है. लेकिन सिंघाड़ा 12 महीने नहीं बिकता. सिर्फ सीमित समय के लिए ही बाजार में आता है. ऐसे में इसके आटे का इस्तेमाल कर इसके औषधीय गुणों का लाभ उठाया जा सकता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों का भी मानना है कि सिंघाड़े के आटे का प्रयोग हर तरह से लाभकारी है. जानिए सिंघाड़े के आटे के फायदे.

गर्भाशय की दुर्बलता करता दूर

जिन महिलाओं का गर्भपात गर्भाशय की दुर्बलता की वजह से हो जाता है, उन्हें सिंघाड़ा जरूर खाना चाहिए. इसे खाने से गर्भाशय की दुर्बलता दूर होती है, साथ ही गर्भस्थ शिशु को पोषण मिलता है. महिलाएं सिंघाड़े के आटे का हलवा या बर्फी वगैरह बनाकर दूध के साथ इसका सेवन कर सकती हैं.

थायरॉयड और घेंघा जैसी समस्याओं में लाभकारी

सिंघाड़े में आयोडीन और मैग्नीज जैसे तत्व होते हैं जो शरीर में थायरॉयड ग्रंथि को सुचारू रूप से चलाने में मददगार माने जाते हैं. सिंघाड़े या इसके आटे के सेवन से थायरॉयड और घेंघा जैसी समस्याएं नियंत्रित रहती हैं.

यौन शक्ति बढ़ाता

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जिन पुरुषों को यौन दुर्बलता की वजह से इन्फर्टिलिटी की समस्या से जूझना पड़ता है, उन्हें रोजाना 2-3 चम्मच सिंघाड़े का आटा खाकर गुनगुना दूध पीना चाहिए. इससे वीर्य में बढ़ोतरी होती है.

पीलिया में देता राहत

सिंघाड़ा शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है. इसके अलावा ये पीलिया के रोग में भी लाभकारी है. पीलिया से जूझ रहे लोग यदि सिंघाड़े के जूस का सेवन करें या इसके आटे का सेवन करें तो उन्हें काफी लाभ मिलता है.

हाई बीपी के मरीजों के लिए वरदान

सिंघाड़े में काफी मात्रा में पोटेशियम पाया जाता है, ऐसे में ये हाई बीपी के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसके अलावा ये बैड कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है. यही वजह है कि सिंघाड़े को हार्ट फ्रेंडली फ्रूट कहा जाता है.

वजन कम करता

ज्यादा नमक का सेवन करने से हमारे श​रीर में सोडियम की मात्रा अधिक हो जाती है. सोडियम शरीर में पानी को इकट्ठा करता है, जिसकी वजह से शरीर में सूजन आती है और मोटापा बढ़ जाता है. सिंघाड़े में मौजूद पोटेशियम इकट्ठे पानी को शरीर से बाहर निकालने में मददगार है. इससे सूजन कम होती है और वजन घटता है.

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