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दरवाजे पर ACB, पुलिस का पहरा, घर में चूल्हे पर 500 के नोटों की गड्डियां जलाता रहा तहसीलदार, जानिए पूरा मामला

जयपुर। होली से पहले भ्रष्टाचार का बुधवार को अलग ही रंग नजर आया। सिरोही जिले के स्वरूपगंज में सरोही तहसीलदार कल्पेश जैन के लिए एक लाख रुपए की रिश्वत लेते राजस्व निरीक्षक (आरआइ) पर्वतसिंह पकड़ा गया। इसकी भनक लगी तो पिंडवाड़ा में तहसीलदार ने खुद को अपने सरकारी मकान में बन्द कर लिया। एसीबी व पुलिस बाहर खड़ी रही और वह परिवार की महिला के साथ रसोई में गैस चूल्हे पर 500-500 के नोटों की गड्डियां जलाता रहा। अनुमान है कि उसने लगभग 15-20 लाख रुपए जलाए। घटनाक्रम लगभग पौन घंटे तक चलता रहा। आखिर भीतर घुसने के लिए एसीबी व पुलिस टीम को दरवाजा तोडऩा पड़ा। तब जाकर तहसीलदार पकड़ में आया।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के उप महानिरीक्षक विष्णुकांत के अनुसार सिरोही में सरकारी भूमि पर आंवले के पेड़ों से छाल उतारने के ठेके हो रखे हैं। नए वित्तीय वर्ष में पुराने ठेकेदार का ठेका ही जारी रखने की एवज में ठेकेदार से 5 लाख रुपए मांगे गए। इसके लिए सिरोही तहसीलदार कल्पेश जैन ने ठेकेदार से कहा कि स्वरूपगंज के आरआइ पर्वतसिंह से मिलो। ठेकेदार इस पर आरआइ से मिला तो उसने तहसीलदार के लिए 5 लाख रुपए मांगे। फिर सौदा एक लाख रुपए में तय हुआ। इसकी ठेकेदार ने एसीबी को शिकायत की। सत्यापन में पुष्टि हुई कि तहसीलदार के लिए आरआइ घूस मांग रहा है और तहसीलदार ने ठेका जारी रखने के लिए आरआइ से मिलने को कहा था।

RI ने हाइवे पर बुलाया, रंगेहाथ धरा गया 

घूस की राशि लेने के लिए आरआइ ने ठेकेदार को बुधवार देर शाम स्वरूपगंज में कार्यालय से कुछ दूर हाइवे पर बुलाया। वहां जैसे ही ठेकेदार से एक लाख रुपए लिए, एसीबी पाली के एएसपी नरपतचंद ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद एसीबी की टीम पिंडवाड़ा में सिरोही तहसीलदार बालोतरा (बाड़मेर) निवासी कल्पेश जैन के सरकारी आवास पर पहुंची। इसकी भनक लगते ही जैन ने खुद को मकान में बंद कर लिया।

नहीं खोला गेट, चूल्हे पर मिले अधजले नोट

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एसीबी के अधिकारी समझाते हुए दरवाजा खोलने का आग्रह करते रहे लेकिन तहसीलदार ने दरवाजा नहीं खोला। लगभग पौने घंटे तक मशक्कत के बाद आखिर पुलिस और एसीबी ने कटर से दरवाजा तुड़वाया। टीम अंदर पहुंची तो तहसीलदार रसोई में गैस के चूल्हे पर नोटों की गड्डियां जलाता मिला। मौके से लाखों की अधजली मुद्रा जब्त हुई है। एसीबी को अंदेशा है कि 15-20 लाख रुपए जलाए गए हैं।

तबादले के बाद भी तहसीलदार करता रहा वसूली

एसीबी का कहना है कि आरआइ पर्वतसिंह स्वरूपगंज से पहले सिरोही में पदस्थापित रहा था। वह तहसीलदार कल्पेश जैन के अधीन कार्यरत था। स्वरूपगंज स्थानान्तरण होने के बाद भी वह तहसीलदार के लिए रिश्वत लेता रहा।

एसीबी का कहना है कि आरआइ पर्वतसिंह स्वरूपगंज से पहले सिरोही में पदस्थापित रहा था। वह तहसीलदार कल्पेश जैन के अधीन कार्यरत था। स्वरूपगंज स्थानान्तरण होने के बाद भी वह तहसीलदार के लिए रिश्वत लेता रहा।

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