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रोडवेज दी लारी से शुरू हुए सफर को सरदूल सिकंदर ने बाखूबी जारी रखा, खत टुकड़े-टुकड़े कर देने जैसे गीतों ने लाखों फैंस के दिलों को छुआ

प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर सरदूल सिकंदर के निधन से संगीत जगत में शोक की लहर है। 60 साल के सरदूल को पंजाबी संगीत जगत में बाबा बोहड़ भी कहा जाता था। सरदूल सिकंदर ने 1980 के दशक में अपनी पहली एलबम रोडवेज दी लारी निकाली थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुडक़र नहीं देखा। सरदूल सिकंदर ने कई हिट गाने दिए। सरदूल ने पंजाबी फिल्मों में भी काम किया था। बेरिया दे बेर खानिए, खत टुकड़े टुकड़े कर देने, एक चरखा गली दे विच्च ढा लिया, ठोकरां, सानू तौल नां, उम्मीद नहीं सी आदि ऐसे गीत गाए जोकि आज तक लोगों की जुबान पर हैं।

30 जनवरी को ही गायक सरदूल सिकंदर ने अपनी शादी की सालगिरह मनाई थी। उन्होंने पंजाबी गायिका व अदाकारा अमर नूरी के साथ विवाह के 28 साल पूरे किए थे। इस मौके पर अमर नूरी ने अपने फेसबुक पेज पर कई तस्वीरें अपलोड की थीं। साथ में लिखा था, नित्त खैर मंगा सोहनेया मैं तेरी, दुआ ना कोई होर मंगदी…। सरदूल के दो बेटे आलाप और सारंग सिकंदर हैं। दोनों गायकी के क्षेत्र में हैं। आज पंजाबी गायक एवं गीतकर हैप्पी रायकोटी ने सरदूल की एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है, ओए मालका, एह की कहर कमाया। गायिका मिस पूजा ने सरदूल सिकंदर की फोटो शेयर कर लिखा कि विश्वास नहीं हो रहा कि उस्ताद सरदूल सिकंदर हमें छोडक़र चले गए।

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ब्रेकिंग न्यूजः पंजाब के मशहूर गायक सरदूल सिकंदर का निधन…

सरदूल सिकंदर दिसंबर के दूसरे हफ्ते में सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में गए थे। उनके साथ उनकी पत्नी और गायिका अमर नूरी भी थी। सरदूल सिकंदर के निधन पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शोक जताते हुए वाहेगुरु से प्रार्थना की है कि वह दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दें।

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