Breaking News

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बृहद ऋण ब्याज मुक्त योजना का किया शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को यहां राज्य के किसानों के लिए तीन लाख रुपये के ब्याज मुक्त ऋण वृहद वितरण योजना का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और जवानों के हित के संकल्पित होकर काम कर रही है। कृषि कानूनों पर देश की एकता को खंडित किया जा रहा है। हम उनके मंसूबे को सफल नहीं होने देंगे। सरकार भ्र्ष्टाचार पर जीरों टालरेंस की नीति पर काम कर रही हैं।
रेसकोर्स स्थित बन्नू स्कूल परिसर से दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अन्तर्गत तीन लाख रुपये का ब्याज मुक्त बृहद ऋण वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून से वर्चुअल माध्यम से समस्त कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता धर्मपुर विधायक बिनोद चमोली ने की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि किसानों की फसल उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में सरकार बड़ी सोच के साथ आगे बढ़ रही है। किसानों से जो वादे किए हैं, उन्हें सरकार पूरा कर रही है। प्रदेश के किसानों ने भी सरकार की अपेक्षाओं को पूरा करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि साल 2017 में सरकार ने किसानों को दो प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपये का ऋण दिया था। सरकार ने यह बात भी कही थी कि योजना के अच्छे परिणाम सामने आने पर सरकार ब्याज मुक्त ऋण देने का फैसला लेगी। किसानों ने अच्छा काम किया। अब सरकार किसानों को तीन लाख रुपये और समूह को पांच लाख का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि 60 फीसद ऋण किसानों ने लौटा दिए।   मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि राज्य की ग्रोथ बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन अधिक हो इसके लिए राज्य के बाहर के पशु को खरीदना होगा।
इस मौके पर मैदान में जिले के सभी विधानसभावर स्टाल लगाए गए। यहां किसानों को ब्याज मुक्त  ऋण वितरित किया गया। इस दौरान 25 हजार रुपये से लेकिन तीन लाख रुपये के चेक दिए गए। त्रिवेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार भ्र्ष्टाचार को खात्मे के लिए कटिबद्ध है। अब फाइलें दफ्तरों में नहीं अटकतीं।  उन्होंने कहा कि साल 2000 से उनके कार्यकाल से पहले तक सरकारों ने जितनी सड़कें बनवाईं, उससे ज्यादा सड़कें  हमने तीन साल 10 माह में बनवाई हैं।  2017 मार्च से राज्य में 20 साल में पहली बार गन्ने का भुगतान सत्र शुरू होने से पहले किया गया। सरकार का प्रयास है कि धान, गेहूं, गन्ना समेत अन्य फसलों का किसानों को समय पर भुगतान हो। इसके लिए उन्हें इंतजार न करना पड़े। उनके खाते में समय से पैसा जाएगा। हेराफेरी को सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देश की एकता को खंडित करने के लिए विरोधी देश अमेरिका में बैठ कर किसान आंदोलन को हवा दे रहे हैं। राज्य के किसान दूरी बनाए हुए हैं। मोदी सरकार राष्ट्र और किसानों की हित मे कानून लाई है लेकिन विरोधी दल बरगला रहे हैं। कानून में खामियां क्या हैं, ये नहीं बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और त्रिवेंद्र की नहीं भाजपा की सोच किसान और जवान का सम्मान करना है।
यह कार्यक्रम प्रदेश के 95 विकासखण्डों एवं 5 अन्य स्थानों पर आयोजित किया गया। इसमें 25 हजार लोगों को कृषि एवं कृषियेत्तर कार्यों के लिये कृषि यन्त्रों, मत्स्य पालन, जड़ी-बूटी उत्पादन, मुर्गीपालन, कुक्कुट पालन, मौन पालन आदि प्रयोजनों के लिए ऋण बांटा गया।  साथ ही समस्त बहुउद्देशीय कृषि ऋण सहकारी समितियों को कम्प्यूटरीकृत करने की दिशा में कदम उठाए गए।  दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के अतिरिक्त कार्यक्रम में प्रदेश की 200 बहुउद्देशीय कृषि ऋण सहकारी समितियों को  हार्डवेयर  वितरित किए गए।
बहुउद्देशीय कृषि ऋण सहकारी समितियों के कम्प्यूटराइजेशन के लिए लगभग 40 करोड़ रुपये व्यय किया जाना है। इसमें 25 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार वहन करेगी।  मार्च 2021 तक प्रदेश की सभी सहकारी समितियां कंप्यूटरीकृत हो जाएंगी।
इस मौके पर सहकारिता मंत्री धनसिंह रावत, विधायक गणेश जोशी, खजान दास, गणेश जोशी, मुन्ना सिंह चौहान, उमेश शर्मा, सहदेव पुंडीर मेयर सुनील उनियाल गामा,सहकारिता सचिव मीनाक्षी सुंदरम आदि मौजूद रहे।
error: Content is protected !!
http://newsindialive.in/ Digital marketting agency/