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India की धार्मिक विविधता का Britain भी हुआ प्रशंसक , संसद में कहा, ‘भारत में सभी को बराबरी के अधिकार मिलते हैं’

हिंदुस्तान (India) की धार्मिक विविधता का ब्रिटेन (Britain) भी प्रशंसक हो गया है ब्रिटेन की संसद में चर्चा के दौरान बोला गया कि बहुसंख्यक हिंदुओं की भारी तादाद के बावजूद हिंदुस्तान में धार्मिक विविधता प्रशंसा के योग्य है इस दौरान, चर्चा में साझा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिटेन-भारत अंतर-धर्म बातचीत को बढ़ावा देने के लिए किए गए जरूरी कार्यों को भी रेखांकित किया गया

 

ब्रिटेन (Britain) के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास ऑफिस (FCDO) के मंत्री निगेल एडम्स (Nigel Adams) ने चर्चा में भाग लेते हुए बोला कि हिंदुस्तान में मुश्किल परिस्थितियों में भी मानवाधिकार के मुद्दों को स्वतंत्र रूप से खुलकर उठाया जाता है हिंदुस्तान के सेक्युलर संविधान में सभी नागरिकों को बराबरी के अधिकार हासिल हैं उन्होंने आगे बोला कि जिन लोगों को हमारी तरह हिंदुस्तान जाने का मौका मिला है, वह जानते हैं कि यह अद्भुत देश है दुनिया में यह सबसे अधिक विविधताओं वाला देश है

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निगेल एडम्स ने कहा, ‘मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि विदेश मंत्री डॉमिनिक राब (Dominic Raab) ने दिसंबर में हिंदुस्तान यात्रा के दौरान मानवाधिकार से जुड़े कई मामले अपने भारतीय समकक्ष के सामने उठाए, जिसमें कश्मीर के दशा भी शामिल थे हम आशा करते हैं कि हिंदुस्तान सरकार इनका निवारण करेगी और सभी धर्मों के लोगों के अधिकारों की रक्षा करेगी वह हिंदुस्तान के संविधान और गौरवपूर्ण समावेशी परंपरा को बनाए रखेगी’

वहीं, यूरोपीय संघ (EU) से अलग हुए ब्रिटेन के हिंदुस्तान सहित दूसरे राष्ट्रों से संबंध कैसे होंगे इस पर एक रिपोर्ट आई है ‘ग्लोबल ब्रिटेन, ग्लोबल ब्रोकर: ए ब्लूप्रिंट फॉर यूकेज फ्यूचर इंटरनेशनल रोल’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बोला गया है कि ब्रिटेन को अपनी ऊर्जा और निवेश नरमपंथी लोकतांत्रिक राष्ट्रों में लगाना चाहिए इनमें भारत, यूरोपीय यूनियन के मेम्बर देश और अमेरिका भी शामिल है रिपोर्ट में ब्रिटेन को सुझाव दिया गया है कि वो भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया से कारोबार बढ़ाने पर जोर दे साथ ही उन राष्ट्रों से संबंध मजबूत करने की वकालत की गई है, जो चाइना से मुकाबला कर रहे हैं रिपोर्ट में बोला गया है कि भविष्य में ब्रिटेन को चीन, भारत, सऊदी अरब और तुर्की से चुनौती भी झेलनी पड़ सकती है कई उद्देश्यों की प्राप्ति में ये देश ब्रिटेन के लिए चुनौती बनेंगे

UK के लिए जरूरी है भारत
रिपोर्ट में हिंदुस्तान का जिक्र करते हुए बोला गया है कि हिंदुस्तान ब्रिटेन के लिए अपरिहार्य है जल्द ही वह दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा वह चालू दशक में ही दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था और रक्षा बजट वाला देश बन जाएगा वैसे तो दोनों राष्ट्रों के प्रगाढ़ ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, लेकिन उपनिवेश काल की कुछ घटनाएं रिश्तों में कड़वाहट भी पैदा कर सकती हैं बावजूद इसके हिंदुस्तान का ब्रिटेन के लिए जरूरी जगह रहेगा

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