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जाते-जाते ईरान पर एक्‍शन की तैयारी में ट्रंप प्रशासन, पोम्पिओ ने दिया ये कड़ा बयान

अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने अलकायदा के बारे में उजागर हुई अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट को ईरान के विरूद्ध इस्तेमाल करने का निर्णय किया है अमेरिका ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब कुछ दिन बाद ही वहां पर सत्ता का ट्रान्सफर होने वाला है

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ( Mike Pompeo) का बोलना है कि ईरान ने अल कायदा के नेताओं को अपने देश में पनाह दी और अब भी आतंकवादियों का समर्थन कर रहा है पोम्पिओ ने यह बयान वॉशिंगटन के नेशनल प्रेस क्लब में दिए अपने सम्बोधन के दौरान दिया इस मुद्दे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि पोम्पिओ अपने भाषणों में ईरान और अलकायदा के संबंधों को लेकर कितना कुछ बोलना चाहते थे

 

न्यूयॉर्क टाइम्स ने नवंबर 2020 में समाचार दी थी कि 1998 में अफ्रीका में स्थित दो अमेरिकी दूतावासों (US embassies) पर बमबारी के मास्टरमाइंड की सहायता करने के आरोपी अबू मुहम्मद अल-मसरी को ईरान में इजरायली के एजेंटों ने गोलियों से भून दिया था हालांकि ईरान ने इस रिपोर्ट का खंडन करते हुए बोला था कि उसकी जमीन पर अलकायदा के ‘आतंकवादी’ नहीं थे

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मालूम  हो कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन (Trump administration) के दौरान अमेरिका हमेशा से ही ईरान को टारगेट करता आया है माइक पोम्पिओ ने हाल के सप्ताहों में ईरान पर दबावों को कड़ा करके कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दी है पोम्पिओ ने ईरान पर पहले भी अल कायदा से संबंधों का आरोप लगाए थे लेकिन वे उसके विरूद्ध कोई सबूत नहीं जुटा पाए अक्टूबर 2017 में CIA के निदेशक रहे माइक पोम्पिओ ने बोला कि कई बार ईरानियों ने अल कायदा के साथ कार्य किया है

 

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन पिछले कई दिनों से ईरान पर विभिन्न प्रतिबंधों को लागू कर रहा है जिसे देखते हुए निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के सहयोगी संभावना जता रहे हैं कि जाते-जाते डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ संबंधों को इस हद तक बेकार कर देना चाहते हैं, जिससे बाइडेन प्रशासन फिर उससे किसी तरह की वार्ता न कर सके ऐसे में बाइडेन प्रशासन को ईरान को दोबारा से अंतर्राष्ट्रीय परमाणु समझौते में शामिल करना मुश्किल हो जाएगा

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