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अब भारत में नहीं चलेगी WhatsApp की दादागीरी, इस एप्प के पीछे भाग रहे है लोग

वॉट्सऐप के नए नियम और शर्तों ने यूजर्स के बीच हड़कंप प्रारम्भ कर दी है. यूजर्स के मन में अपने प्राइवेट डेटा की सिक्यूरिटी को लेकर एक डर का माहौल पैदा हो गया है. यही वजह है की यूजर्स इंस्टेंट मैसेजिंग के लिए दूसरा ऑप्शन ढूंढ रहे हैं. इस बीच आकस्मित चर्चा में आ गया है सिग्नल मैसेंजर ऐप. दरअसल टेस्ला (Tesla) के सीईओ इलॉन मस्क (Elon Musk) के एक ट्विट “यूज सिग्नल” ने यूजर्स के बीच वॉट्सऐप (Whatsapp) को लेकर संभावना पैदा कर दी है. इलॉन के इस ट्वीट के बाद बड़ी संख्या में लोग सिग्नल (Signal App) को डाउनलोड कर रहे हैं. सिग्नल मैसेंजर (Signal Messenger) को पूरे विश्व में लोग पसंद कर रहे हैं और पिछले दो दिन से यूजर्स की संख्या बढ़ने से सिग्नल पर वैरीफिकेशन (Verification) कोड लेट आ रहे हैं.

सिग्नल नहीं मांगता पर्सनल डेटा

सिग्नल ने दिसंबर 2020 में अपने लेटेस्ट वर्जन्स के साथ ग्रुप कॉल लॉन्च किया है और एन्क्रिप्टेड दिया है. सिग्नल पर्सनल डेटा के तौर पर केवल आपका फोन नंबर स्टोर करता है और ऐप इसे आपकी पहचान से जोड़ने की कोई प्रयास नहीं करता है. जबकि टेलीग्राम आपसे पर्सनल इनफॉर्मेशन के तौर पर कॉन्टैक्ट इंफो, कॉन्टैक्ट्स और यूजर ID मांगता है. सिग्नल की नयी गाइडलाइन में केवल एक मैसेंजर ऐप से दूसरे मैसेंजर पर कस्टमर को मूव करना बताया गया. यहां ध्यान देना होगा कि आप दो ऐप्स के बीच अपनी चैट को ट्रांस्फर नहीं कर सकते हैं.

क्या है Whatsapp की नयी पॉलिसी 

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दरअसल, वॉट्सएप (WhatsApp) की ओर से पिछले बुधवार को यूजर्स को पॉप-अप ( pop-up) मैसेज भेजे गए. इसमें यूजर्स को नियम और शर्तों के साथ नयी प्राइवेसी पॉलिसी (private policy) के बारे में बताया गया. नए नियम 8 फरवरी से लागू होंगे. मैसेज में बताया जा रहा है कि WhatsApp किस तरह से आपका डेटा यूज करेगा. WhatsApp के यूज के लिए इन नियम और शर्तों को एक्सेप्ट (accept) करना होगा. इसे एक्सेप्ट (accept) नहीं करने पर यूजर्स का एकाउंट डिलीट (account delete) कर दिया जाएगा.

Whatsapp आपके डिवाइस से जुटाता है ये डेटा 

वॉट्सएप डिवाइस आईडी, यूजर आईडी, एडवरटाइजिंग डेटा, पसचेज हिस्ट्री, कोर्स लोकेशन, फोन नंबर, ईमेल एड्रेस, कॉन्टैक्ट्स, प्रोडक्ट इंटरैक्शन, क्रैश डेटा, परफॉर्मेंस डेटा, डायग्नॉस्टिक डेटा, पेमेंट इन्फो जैसी जानकारियां आपके फ़ोन से ले लेता है.

ध्यान देने वाली बात ये है कि माइग्रेट ग्रुप्स पर लिंक शेयर करना हमारी प्राइवेसी को लेकर मैसेंजर ऐप बड़ा प्रश्न हो जाते हैं. हालांकि, इस विषय में सिग्नल ने बोला है कि लिंक ऑप्शनल हैं और आप किसी भी समय उन्हें रोटेट या या डिसेबल कर सकते हैं.

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