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मेनका गाँधी के फोन करते ही कुत्तों के पिल्लों को खोजने जंगल में घुसी पुलिस, जानिये पूरा मामला

झांसी में कुत्तों के पिल्लों के गायब होने से हंगामा खड़ा हो गया. पता चला कि पिल्लों को जंगल में छोड़ दिया गया है. मुद्दे की जानकारी मेनका गांधी तक पहुंच गई. मेनका के फोन पर पुलिस फास्ट हुई और पिल्लों को खोजने जंगल में घुसी. पिल्लों को लेकर ही वापस आई. मुद्दे में तीन स्त्रियों सहित चार लोगों के विरूद्ध केस दर्ज किया गया है.

यह है पूरा मामला

प्रेमनगर थाना क्षेत्र के पुलिया नंबर नौ में सुभाष स्कूल के पास रहने वाली वर्षा कुशवाहा जीव आश्रय समिति की वालंटियर का कार्य करती है. मोहल्ले के कुछ पिल्लों को वर्षा खाना-पीना देकर उनकी देखभाल भी कर रही थीं. मुहल्ले में रहने वाले महेश कुशवाहा और उनके परिजन लगातार पिल्लों को परेशान करते थे.

इसे लेकर वर्षा का महेश के परिवार से टकराव भी हुआ था. इसी बीच महेश ने पिल्लों को मुहल्ले से हटाने के लिए एक व्यक्ति से बात कर ली. व्यक्ति को रुपये देकर सभी पिल्लों को बोरी में भरवाकर जंगल छोड़ने को कहा.

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मंगलवार शाम व्यक्ति पहुंचे और पिल्लों को बोरी में भरकर ले जाने लगे. यह देख वर्षा ने विरोध किया. लेकिन व्यक्ति नहीं माने और पिल्लों को जंगल में ले जाकर छोड़ दिया. वर्षा ने पूरे मुद्दे की जानकारी मेनका गांधी को दी. वर्षा ने डायल 112 पर पुलिस को भी मुद्दे की सूचना दी.

मेनका गांधी ने स्वयं पुलिस से सम्पर्क किया मुद्दे पर कार्रवाई करने के साथ ही पिल्लों को जंगल से लाने को कहा. मेनका गांधी का फोन आने से पुलिस फास्ट हुई और पिल्लों को जंगल से बरामद कर दोबारा मुहल्ले में छोड़ दिया.

अगले दिन जब वर्षा पिल्लों को खाना खिलाने पहुंची तो महेश और उनके परिजनों ने गाली-गलौज कर हाथापाई कर ली. इसकी जानकारी वर्षा ने पुलिस को दी. कम्पलेन पर पहुंची पुलिस ने आरोपी महेश, श्वेता, मीरा और सपना के विरूद्ध केस दर्ज कर लिया है.

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