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अलीबाबा के मालिक को ड्रैगन की आलोचना की मिली सजा, दो महीने से कारागार में बंद?

चीन के सबसे धनी कारोबारियों में शुमार अलीबाबा ग्रुप के मालिक जैक मा पिछले दो महीने से लापता बताए जाने के बाद अब चीनी मीडिया के हवाले से खबरें आ रहीं है कि वह चीनी सरकार की देखरेख में है. अटकलें ये भी हैं कि जैक मा को अरैस्ट कर लिया गया है या घर में नजरबंद कर दिया गया है. चाइना के पास बड़ी शख़्सियतों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी नहीं बताने का ट्रैक रिकॉर्ड है, इसलिए ‘पर्यवेक्षण’ का मतलब कारागार हो सकता है.

हांगकांग स्थित द एशिया टाइम्स ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपल्स डेली के हवाले से बोला है कि उन्हें देश नहीं छोड़ने का आदेश दिया गया है. पीपुल्स डेली ने नवंबर के एक अंश में यह भी बोला कि मा चाइना सरकार की नीतियों के बिना अलीबाबा को इतनी ऊंचाइयों तक नहीं ले जा सकते. जैक मा नवंबर 2020 से किसी भी सार्वजनिक इवेंट या टीवी शो में नजर नहीं आए जिसके बाद उनके गायब होने की खबरें आने लगी.

चीन के सबसे धनी कारोबारियों में शुमार अलीबाबा ग्रुप के मालिक जैक मा पिछले दो महीने से लापता बताए जा रहे हैं. जैक मा करीब दो महीने से किसी भी सार्वजनिक प्रोग्राम में नहीं दिखाई दिये. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जैक मा ने चाइना के वित्तीय नियामकों और सरकारी बैंकों की पिछले वर्ष अक्टूबर में दिए गए सम्बोधन की आलोचना की थी. इसी आलोचना के बाद उनका और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ टकराव भी हुआ और इस टकराव के बाद से वो लगभग दो महीने से नजर नहीं आए हैं.

कौन हैं जैक मा 

चाइना की बड़ी आईटी कंपनियों में शुमार अलीबाबा के संस्थापक हैं. ब्लूमबर्ग के अनुसार अलीबाबा चाइना के प्रसिद्ध कारोबारी और अपने बोलने के लिए मशहूर जैक मा की है. वह कभी एक स्कूल में पढ़ाया करते थे और अब वह अरबपति कारोबारी हैं. अलीबाबा विश्व की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों में से एक है जिसके करोड़ों की संख्या में यूजर्स हैं. अलीबाबा का टर्नओवर भी अरबों में है. इसकी तीन मेन वेबसाइट टाउबाउ (Taobao), टीमॉल (Tmall) और अलीबाबा डॉट कॉम (Alibaba.com) है. एंट ग्रुप अलीपे बनाया है, जो चाइना में एक मोबाइल पेमेंट सिस्टम (मोबाइल वॉलेट) है. कंपनी ने हिंदुस्तान के पेटीएम में भी निवेश किया है.

चीन से बाहर नहीं जाने के आदेश 

पिछले वर्ष नवंबर में चीनी ऑफिसरों ने जैक को बड़ा झटका देते हुए उनके एंट ग्रुप के 37 अरब US डॉलर के आईपीओ को निलंबित कर दिया था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस एक्शन के बाद जैक मा से बोला गया कि अलीबाबा ग्रुप के विरूद्ध चल रही जाँच पूरी होने तक चाइना से बाहर न जाएं.

दो महीने से लापता हैं अलीबाबा कंपनी के मालिक जैक मा, चीनी राष्ट्रपति से हुआ था विवाद

टीवी शो में भी नहीं आए नजर 

जैक मा के बनाए उनके टीवी शो ‘अफ्रीका के बिजनेस हीरो’ में भी जैक मा नजर नहीं आए हैं. प्रोग्राम में उनकी स्थान किसी और शख्स को भेज दिया गया है. टीवी शो में शामिल नहीं होने पर अलीबाबा के प्रतिनिधि ने बोला कि शेड्यूल को लेकर हुए टकराव की वजह से वे टीवी शो में शामिल नहीं हुए.

क्या है पूरा मामला 

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चाइना की सरकार अलीबाबा ग्रुप पर मोनोपोली यानी एकाधिकार के गलत इस्तेमाल को लेकर तहकीकात कर रही है. अलीबाबा ने बोला था कि उन्हें एसएएमआर (SAMR) के जरिए एंट ग्रुप (Ant Group) को भी नोटिस भी भेजा गया है. यह जैक-मा की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा डॉट कॉम और फिनटेक एंपायर के लिए बहुत बड़ा झटका मना गया.

भारी पड़ा सरकार की आलोचना करना 

ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के मालिक जैक मा द्वारा सार्वजनिक तौर पर चाइना के वित्तीय नियामकों और बैंकों का अलोचना करना भारी पड़ गया है. चाइना सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के बाद जैक मा की संपत्ति बीते दो महीने में 11 अरब US डॉलर कम हो गई है. दरअसल, जैक मा ने चाइना के वित्तीय नियामकों की इस बात के लिए लताड़ लगाई थी कि वो जोखिम लेना बिल्कुल पसंद नहीं करते. उन्होंने चाइना के बैंकों पर सूदखोर सेठों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया. उनका संकेत इस तरफ था कि चीनी बैंक बिना कोई वस्तु गिरवी रखवाए लोन नहीं देते. बताते चलें कि चाइना में ज्यादातर बैंक सरकारी हैं, इसलिए उनकी टिप्पणियों को सीधे सरकार के विरूद्ध कही गई बात माना गया.

अलीबाबा और एन्ट ग्रुप पर कार्रवाई हुई शुरू 

चाइना ने जैक मा की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा और उसकी वित्तीय कारोबार की शाखा एन्ट ग्रुप पर कार्रवाई प्रारम्भ की है. इस कार्रवाई को लेकर पूरे विश्व में कयास लगाए जा रहे हैं. वहीं, चाइना के बाजार रेगुलेटर का बोलना है कि उसने अलीबाबा के विरूद्ध मार्केट पर एकाधिकार कायम करने संबंधी कोशिशों को लेकर यह कार्रवाई प्रारम्भ की है. चाइना सरकार की कार्रवाई से कंपनियों में ऐसा खौफ समाया है कि महज दो ही दिन में चाइना की बड़ी कंपनियों को करीब 15 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है. कुछ समय पहले जानकारों का मानना है कि यह बदले में की गई कार्रवाई अधिक लगती है.

आखिरी समय चाइना की सरकार ने रोकी लिस्टिंग 

चाइना सरकार ने जैक मा को निर्बल करने के लिए हाल ही में नके बैंक एन्ट ग्रुप की शेयर मार्केट में लिस्टिंग को रोक दिया था. इस कदम के पहले इस ग्रुप की मूल्य 316 अरब US डॉलर आंकी गई थी. एन्ट ग्रुप के आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफर) को जबर्दस्त कामयाबी मिल रही थी. चाइना के नियामक ने लिस्टिंग राकते हुए बोला था कि एन्ट ग्रुप को अपने कारोबारों में सुधार (रेक्टिफिकेशन) करने की आवश्यकता है. एन्ट ग्रुप दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी है.

नियामक ने गिनाईं थी कमियां

बयान में बोला गया कि एन्ट ग्रुप में गवर्नेंस मैकेनिज्म की कमी है. ग्रुप ने नियामकीय अनुपालन जरूरतों की अवहेलना की है और नियामकीय मध्यस्थता में संलग्न है. यह भी बोला गया कि कंपनी ने बाजार में अपनी पोजिशन का इस्तेमाल अपने प्रतिद्वंदियों को बाहर करने में किया है और कंज़्यूमरों के अधिकारों और हितों को हानि पहुंचाई है.

कोविड-19 संकट में भी बढ़ी थी संपत्ति 

हारुन रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 के बावजूद जैक मा की संपत्ति 45 प्रतिशत बढ़ी थी. वहीं, चाइना की सरकार की ओर से किए कार्रवाई के बाद अक्तूबर के आखिर से लेकर अब तक यानी दो महीने में अरबपति जैम मा की संपत्ति में 11 अरब US डॉलर की भारी गिरावट आई है. ई-कॉमर्स क्षेत्र के बादशाह जैक मा की संपत्ति इस वर्ष बढ़कर 61.7 अरब US डॉलर पहुंच गई थी लेकिन, अब उनकी संपत्ति महज 50.9 अरब US डॉलर रह गई है. ब्लूमबर्ग अरबपतियों के इंडेक्स के मुताबिक, दुनिया के 500 धनी लोगों की सूची में जैक मा खिसककर 25वें जगह पर आ गए हैं.

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