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1 जनवरी से बदलने जा रहे हैं ये नियम, आप पर भी पड़ेगा असर

नयी दिल्लीः 1 जनवरी से कई सारे नियमों में परिवर्तन होने जा रहा है ऐसे में एक नियम म्यूचुअल फंड के ऊपर भी लागू कर दिया है इन बदलावों के लागू होने के बाद बाद म्यूचुअल फंड में निवेश का उपाय कुछ बदल जाएगा बाजार रेगुलेटर का मानना है कि निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड्स को सेफ और ट्रांसपैरेंट बनाने के लिए ये परिवर्तन महत्वपूर्ण थे

ये होंगे बदलाव

इन बदलावों में फंड की नेट असेट वैल्यू (NAV) का कैलकुलेशन में बदलाव, मल्टीकैप में निवेश, इंटर स्कीम ट्रांसफर और हाई रिस्क को देखकर निवेश करने जैसे नियम शामिल हैं इन सभी बदलावों को लागू करने के लिए बाजार रेग्यूलेटर सेबी ने पहले ही घोषणा कर दी थी

NAV में ऐसे होगा कैलकुलेशन

1 जनवरी, 2021 से निवेशकों को उस दिन के म्यूचुअल फंड्स का नेट एसेट वैल्यू यानी परचेज NAV एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के पास पैसे पहुंच जाने के बाद मिलेगा SEBI के मुताबिक लिक्विड और ओवरनाइट म्यूचुअल फंड स्कीम्स को छोड़कर सभी म्यूचुअल फंड्स स्कीम्स में दिन का क्लोजिंग NAV यूटिलाइजेशन के लिए मौजूद फंड्स के आधार पर तय होगा

हाई रिस्क के लिए बनाई अलग कैटेगिरी

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सभी म्यूचुअल फंड्स को अब रिस्क-ओ-मीटर में 5 के बदले 6 इशारा दिखाने होंगे ‘Very High Risk’ कैटेगिरी के अतिरिक्त अन्य 5 श्रेणियां लो, मॉडरेटरी लो, मॉडरेट, मॉडेटरी हाई और हाई हैं

इक्विटी में करना होगा 75 प्रतिशत निवेश

नए नियम के अनुसार अब फंड्स का 75 प्रतिशत भाग इक्विटी में निवेश करना महत्वपूर्ण होगा, जो कि अभी न्यूनतम 65 प्रतिशत है फंड हाउसेज को लॉर्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप में 25-25 प्रतिशत निवेश करना महत्वपूर्ण होगा

इंटर स्कीम ट्रांसफर में नियम सख्त

इंटर स्कीम ट्रांसफर के नियम भी 1 जनवरी से कठोर हो जाएंगे कोई भी फंड हाउस लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए इंटर स्कीम ट्रांसफर को ला सकता है

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