Breaking News

इस महिला की कच्ची आयु में हो गई थी शादी, गर्भवती कर पति ने छोड़ दिया था, आज हैं 1500 बच्चों की मां

नई दिल्ली: महंगाई को देखते हुए आज हर चीजें के दाम आसमान में है. आज के समय में दो बच्चों का पेट करने के लिए बहुत कुछ करना पड़ता है. आज आपको एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे है जो 1500 बच्चों की मां है. जी हां, हम बात कर रहे है सिंधुताई सपकाल की. अनाथ बच्चों का पेट भरने के लिए उन्होंने सड़कों पर भीख तक मांगी. आपको यह जानकर दंग होगी सिंधुताई की जिन्दगी एक ऐसे बच्चे के तौर पर प्रारम्भ हुई थी, जिसकी किसी को आवश्यकता नहीं थी. सिंधुताई को महाराष्ट्र की मदर टेरेसा भी बोला जाता है.

सिंधुताई ने 10 वर्ष की आयु में 20 वर्ष के आदमी से विवाह की. विवाह के कुछ महीनों बाद वह गर्भवती हो गई. लेकिन नौ महीने की गर्भवती को मरने के लिए छोड़ दिया. पति ने नौवें महीने पेट में लात मारी, बेहोशी की हालत में गायों के बीच एक बेटी को जन्म दिया. बेघर होने के बाद अपना पेट भरने के लिए ट्रेन में भीख मांगी. इतना ही नहीं कभी रोटी खाती और कभी श्मशान घाट से चिता की रोटी खाती.

Loading...

कच्ची आयु में ही उनकी विवाह कर दी गई. 10 वर्ष की आयु में वो 30 वर्ष के आदमी की घरवाली थीं. उनके पति ने उन्हें दुख देने में कोई कसर नहीं छोड़ी और दशा इतने बुरे हो गए कि उन्हें गौशाला में अपनी बच्ची को जन्म देना पड़ा. वो बताती हैं कि उन्होंने अपने हाथ से अपनी नाल काटी. इन सब बातों ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया. उन्होंने सुसाइड करने की भी बात भी सोची.

एक महिला सशक्तीकरण पर आयोजित ‘शक्ति’ प्रोग्राम में पूना की 70 वर्षीय सिंधुताई ने कहा, मुझे पढ़ाई का बहुत शौक था लेकिन मेरी मां ने मुझे पढ़ाई करने की अनुमति नहीं दी. बचपन में ही विवाह हो गई. गर्भवती हालत में पति ने घर से निकाल दिया. उन्होंने कई कठिनाइयों को सहन किया और फिर अनाथ बच्चों की सेवा करने का निर्णय किया. वर्तमान में मैं 1500 से अधिक अनाथ बच्चों की मां हूं. आपको यह जानकर दंग कि जिनमें से कुछ डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर और एडवोकेट बन गए हैं.

error: Content is protected !!
http://newsindialive.in/ Digital marketting agency/