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12 साल से फरार चल रहे धोखाधड़ी के आरोपी दंपति की हुई गिरफ्तारी, जाने कैसे

12 साल से फरार चल रहे धोखाधड़ी के आरोपी दंपति को एसओजी और पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दंपति ने वर्ष 2006-08 में सैकड़ों महिलाओं को किट्टी के नाम पर लगभग 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। न्यायालय के आदेश पर दोनों को जेल भेज दिया गया है।

पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर पुलिस इनामी बदमाशों को पकड़ने के लिए अभियान चला रही है। बुधवार को एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने बताया कि एसपी सिटी श्वेेता चौबे की निगरानी में सिटी पुलिस डालनवाला के एक मुकदमे में फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में इंस्पेक्टर एसओजी एश्वर्य पाल और डालनवाला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मणिभूषण नेगी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नोएडा से संजीव बस्सी निवासी आदर्श नगर, किशननगर चौक और उसकी पत्नी नविता बस्सी को गिरफ्तार किया है।

एसएसपी ने बताया कि इन दोनों के खिलाफ सुधा पटवाल नाम की महिला की शिकायत पर डालनवाला में वर्ष 2008 में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि इन्होंने अपनी ज्वेलरी शॉप के माध्यम से एक किटी संचालित की थी।
इसमें वर्ष 2006 से 2008 तक सैकड़ों महिलाओं ने दो-दो हजार रुपये कर करीब 65 से 70 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन दंपति ने उनमें से किसी को यह पैसा नहीं लौटाया। इनके ऊपर जब दबाव बनाया गया तो शहर छोड़ दिया। इस दौरान ये कभी गुजरात तो कभी महाराष्ट्र के शहरों में रहे। आरोपी दंपति पर पहले ढाई-ढाई हजार रुपये का इनाम था। पिछले दिनों इसे बढ़ाकर 10-10 हजार रुपये कर दिया गया था।
गुजरात में किया दलाली का काम
आरोपी दंपति यहां से सीधे गुजरात चला गया था। दोनों ही हीरा तराशने का काम जानते हैं। यहां भी इनकी दुकान हीरे के ज्वेलरी तैयार करने वाली थी। गुजरात में इन्होंने पहले इस काम को किया और फिर प्रॉपटी में ब्रॉकर बन गए।

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कुछ साल बाद ये वहां से भी निकल गए और मुुंबई में अपनी पहचान छुपाकर रहने लगे। बीते दिनों कोविड काल में काम सब चौपट हो गया। कर्ज भी लिया, लेकिन काम नहीं चला। इसके बाद दो माह पहले ही ये नोएडा आकर रहने लगे। यहां पुलिस ने इन्हें दबोच लिया।

बेटे के स्कूली दस्तावेजों से मिली लीड
पुलिस लगातार इनकी खोजबीन में जुटी थी। इसी बीच पता चला कि दंपति का बेटा यहां एक स्थानीय स्कूल में पढ़ता था। पुलिस ने स्कूल में उसके दस्तावेजों से अहम जानकारी जुटाई। स्कूल से आधार कार्ड आदि के बारे में भी जानकारी मिली। बीते दिनों एक नंबर भी आरोपियों का पुलिस को मिल गया। इसी से लीड लेते हुए पुलिस इन दोनों तक पहुंच गई।

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