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फर्जी दस्तावेज बनाकर आधार कार्ड बनाने के मामले में हुआ यह बड़ा खुलासा, जाने ऐसे करे बचाव

फर्जी दस्तावेज बनाकर आधार कार्ड बनाने के मामले में एक और खुलासा हुआ है। आरोपियों ने सीएए हिंसा के दौरान 339 फर्जी आधार कार्ड बनवाए थे जिसमें से 137 लोगों की जानकारी पुलिस को मिल गई है।

इसका खुलासा आरोपी के पास से बरामद हुए लैपटॉप के डाटा खंगालने के दौरान हुआ। पुलिस ने इन सभी लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजी है। इसके अलावा पुलिस फरार मुख्य आरोपियों की तलाश में अमेठी और प्रयागराज में दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक उनका कुछ पता नहीं चल सका।

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चकेरी पुलिस ने जाजमऊ से शैलेंद्र साहू को गिरफ्तार कर फर्जी दस्तावेज से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया था। पुलिस ने मौके से लैपटॉप भी बरामद किया था। पुलिस ने जब लैपटॉप का डाटा खंगाला तो पता चला कि सीएए हिंसा के दौरान 339 फर्जी आधार कार्ड बनाए गए थे। ये लोग कौन हैं, कहां से आए थे और यहां आधार कार्ड क्यों बनवाया, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
अब तक की जांच में 137 लोगों की जानकारी पुलिस और खुफिया विभाग को मिली है जिन्हें नोटिस भेजकर बयान के लिए बुलाया गया है। बाकी 202 लोगों की जानकारी नही मिल पाई है। डीआईजी डॉ.  प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि जो लोग फर्जी आधार कार्ड बनवाए हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसकेअलावा रोहिंग्या को लेकर भी क्रास चेकिंग की जा रही है।
एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर बने प्रमाणपत्र
आरोपी के पास से बरामद दस्तावेजों की जांच में पुलिस को एक  रजिस्ट्रेशन नंबर वाले कई निवास प्रमाण पत्र मिले लेकिन इन सभी में व्यक्ति का नाम, पता अलग-अलग था। इससे सामने आया कि  आरोपियों ने किसी एक  ही शख्स की आईडी के  जरिए फर्जी आईडी तैयारकीं और फिर उन आईडी के  जरिए बड़े पैमाने पर आधार कार्ड, पैनकार्ड आदि तैयार किए थे। डीआईजी ने बताया कि  दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है।

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