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भारत ने जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में पाकिस्तान को दिए यह बड़े सख्त संदेश

भारत ने जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में आतंकी हमले की साजिश को नाकाम किए जाने के बाद सख्त संदेश देते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी जमीन पर आतंक को पनाह देना बंद करे। भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की खातिर सभी जरूरी कदम उठाने के लिए दृढ़ और संकल्पबद्ध है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के एक वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध जताया। इस दौरान पाकिस्तान को दो टूक लहजे में कहा, जताई और कहा कि उसे अपनी सरजमीं से आतंक और आतंकी गतिविधियों को पनाह देनी की नीति बंद कर देनी चाहिए।
भारत ने पाकिस्तान से यह भी कहा, वह दूसरे देशों में हमले करने के लिए आतंकी संगठनों द्वारा बनाए गए ढांचे को भी नष्ट करे। भारत ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांग को दोहराया कि पाकिस्तान अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और द्विपक्षीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करे, ताकि वह अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों का किसी भी तरह से भारत के खिलाफ आतंकवाद में इस्तेमाल न हो।

जैश के लगातार हमलों से गंभीर रूप से चिंतित है भारत
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू के नगरोटा में 19 नवंबर 2020 को एक बड़े आतंकी हमले के मंसूबे को नाकाम कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट में पता चला है कि मुठभेड़ में मारे गए आतंकी पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे।

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इस आतंकी संगठन के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने पाबंदी लगाई है। भारत सरकार देश में जैश के लगातार आतंकी हमलों को लेकर गंभीर चिंता जाहिर करती है। उल्लेखनीय है कि नगरोटा में हुई मुठभेड़ में ट्रक में सवार चार जैश आतंकी ढेर कर दिए गए थे।

पुलवामा में भी था हाथ, अब स्थानीय चुनाव में पहुंचाना चाहते थे बाधा
मंत्रालय ने कहा, अतीत में भी जैश भारत के खिलाफ हमलों को अंजाम देता रहा है। फरवरी 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में भी जैश का हाथ था। नगरोटा मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों के पास से बड़े पैमाने पर बरामद हथियार और बारूद इस बात की पुष्टि करते हैं कि आतंकी केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को भंग करना चाहते थे। ये आतंकी खासकर जम्मू-कश्मीर में होने वाले जिला विकास परिषद चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना चाहते थे।

बरामद वस्तुओं से आतंकियों के पाकिस्तानी होने के सुबूत
मारे गए आतंकियों के पास से बड़े पैमाने पर हथियार और बारूद बरामद किए गए थे। कई ऐसी चीजें भी बरामद की गई थीं, जो आतंकियों के पाकिस्तानी होने की गवाही दे रही थीं। मसलन आतंकियों के पास से बरामद रेडियो, मोबाइल पर मिले संदेश, जूते और दवाइयां आदि आतंकियों के पाकिस्तान होने के सबूत हैं।

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