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कंपनी रीजेरॉन फार्मास्यूटिकल्स इंक के एंटीबॉडी कॉकटेल को कोविड-19 के दौरान मिली यह मंजूरी

अमेरिकी कंपनी रीजेरॉन फार्मास्यूटिकल्स इंक के एंटीबॉडी कॉकटेल को कोविड-19 के शुरुआती लक्षण वाले मरीजों पर प्रयोग के लिए देश के दवा नियामक संस्थान से आपात मंजूरी मिली है। इस तरह डॉक्टरों के पास मरीजों के लिए एक और थेरेपी का विकल्प उपलब्ध होने वाला है।

ट्रंप को भी दिए गए थे ये एंटीबॉडी
इलाज के इस तरीके में दो मोनेक्लोनल एंटीबॉडी होते हैं, जो वायरस द्वारा कोशिकाओं में प्रवेश करने के लिए उपयोग किए जाने वाले स्पाइक प्रोटीन को निशाना बनाते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी अक्तूबर में वायरस से संक्रमित होने के बाद ये दवा दी गई थी। इसके अलावा ट्रंप के डॉक्टरों की सलाह से भी दवाएं दी गईं थीं।
सुरक्षा व प्रभाव का मूल्यांकन जारी
अमेरिकी ‘खाद्य एवं औषधि प्रशासन’ (एफडीए) ने शनिवार को एक बयान में कहा, कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के क्लीनिकल ट्रायल में कैसिरिविमब और इमदेविमाब को साथ में प्रयोग करने से महत्वपूर्ण नतीजे सामने आए हैं। इसमें पाया गया है कि प्लेसबो की तुलना में इस दवा से इलाज के बाद 28 दिनों के भीतर कम मरीज अस्पताल में भर्ती हुए। एफडीए ने कहा, हालांकि, कोरोना मरीजों के इलाज के लिए इस दवा की सुरक्षा और प्रभावशीलता का मूल्यांकन जारी है।

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नहीं पड़ती अस्पताल में इलाज की जरूरत
रीजेरॉन द्वारा अक्तूबर में जारी किए गए नतीजों में पाया गया कि इस दवा के प्रयोग के जरिए मरीजों को अस्पताल से बाहर ही ठीक होने में मदद मिल रही है। दवा के प्रयोग से वायरस के लेवल में कमी हो रही है और मरीज को मेडिकल केयर की जरूरत नहीं होती है।

पहले मिल चुकी है एली लिली को मंजूरी
एजेंसी ने कहा कि आपातकालीन उपयोग की इजाजत जारी करना एफडीए की मंजूरी से अलग है। ये फैसला तब लिया गया है, जब देश में कोरोना से मरने वालों और संक्रमितों की संख्या में इजाफा हुआ है। ‘एली लिली एंड कंपनी’ द्वारा बनाई गई एक समान एंटीबॉडी थेरेपी को नौ नवंबर को एफडीए से आपातकालीन मंजूरी मिली।

स्वास्थ्य सेवाओं का बोझ कम होगा
कमिश्नर स्टीफन हैन ने एक बयान में कहा, एफडीए इस अभूतपूर्व महामारी के दौरान देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, इन मोनोक्लोनल एंटीबॉडी थेरेपी को मंजूरी देने से मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ेगा और हमारे स्वास्थ्य सेवा तंत्र पर बोझ को कम करने में मदद मिल सकती है।

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