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स्वास्थ्य विभाग का दावा : कोरोना की दूसरी लहर से निपटने के लिए बिलकुल तैयार

त्योहारी सीजन के बाद कोरोना की दूसरी लहर आ सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पहली लहर की तुलना में मरने वालों की संख्या कम रहेगी। मरीजों को अस्पतालों में संसाधन, सुविधाएं और ट्रेंड स्टाफ की संख्या बढ़ने का फायदा मिलेगा। कॉविड-19 के मामलों की गहनता से निगरानी कर रहे डॉक्टरों ने यह उम्मीद जताई है।

दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार जब कोरोना के शुरुआती मामले आए तब हमारे पास संसाधनों की कमी थी। दून अस्पताल में केवल पांच आईसीयू वेंटिलेटर बेड थे जबकि मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी। लेकिन अब अस्पताल में 100 वेंटिलेटर बेड उपलब्ध हैं।
इसके अलावा बेड की संख्या भी 35 से बढ़ाकर 400 कर दी गई है, जिससे कि हर तरह के मरीज को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके। विशेषकर गंभीर मरीज जिन्हें आईसीयू वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है, उन्हें भी किसी तरह की परेशानी न हो।
स्पोर्ट्स कॉलेज में 1000 बेड की व्यवस्था
इसके अलावा 60 डॉक्टर 125 नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती भी की गई है। स्पोर्ट्स कॉलेज में 1000 बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सर्वे चौक के पास स्थित हॉस्टल में बनाए गए कोविड-19 केयर सेंटर में भी  कम लक्षणों वाले या सामान्य मरीजों को रखा जा रहा है।

कोविड-19 कोऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि शुरुआत में प्राइवेट हॉस्पिटल भी कोरोना का इलाज नहीं कर रहे थे। लेकिन अब लगभग सभी जगह इलाज हो रहा है।

इससे अगर दूसरी लहर आई भी तो मरीजों को इलाज के लिए ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। पिछले पांच-छह महीनों के दौरान कोरोना से लड़ते हुए डॉक्टर वायरस और उसके उपचार के बारे में काफी कुछ जान चुके हैं।
दूसरे चरण से पहले हुई संसाधनों में बढ़ोतरी
संसाधन-पहले चरण में संख्या-दूसरे चरण में संख्या
वेंटिलेटर आईसीयू- 05- 100
कोविड बेड- 35- 400
स्पोर्ट्स कॉलेज में बेड-  00- 1000

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कोरोना के पहले चरण की शुरुआत में हमारे पास न तो पर्याप्त आईसीयू वेंटिलेटर बेड थे और न ही पर्याप्त स्टाफ। साथ ही नया वायरस होने के चलते ट्रीटमेंट प्रोटोकोल की भी स्पष्ट जानकारी कम थी। अब हमारे पास पर्याप्त संसाधन, सुविधाएं और स्टाफ है। ऐसे में अगर दूसरी लहर आती भी है तो मरीजों को तुरंत इलाज मिल जाएगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सकती है।
– डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज

अब लोग कोरोना को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हैं। हालांकि त्योहारी सीजन में भीड़ बढ़ने और लापरवाही से मामले बढ़ सकते हैं। लेकिन फिर भी हमारी तैयारी पुख्ता है। अगर दूसरी लहर आती भी है तो हम मरीजों को जल्द से जल्द बेहतर उपचार देने की स्थिति में हैं। कोविड-19 मरीजों को निश्चित तौर पर इसका फायदा मिलेगा।

 

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