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कोख के सौदागर : अब तक हाथ नहीं लगा अस्मिता का कोई सुराग, तलाश जारी…

आगरा में पुलिस ने कोख के सौदागरों के सरगना सहित नौ आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर दी है। ये सभी आरोपी जेल में बंद हैं। इनमें विष्णुकांत सरगना है। वह मूलरूप से कर्नाटक के जिला बीदर का रहने वाला है। मामले में नेपाल की अस्मिता का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस का कहना है कि अस्मिता की तलाश जारी है।

19 जून, 2020 को पुलिस ने फतेहाबाद क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दो गाड़ियों में सवार पांच लोगों को पकड़ा था। उनके पास से तीन नवजात बच्चियां मिली थीं। इन बच्चियों को नेपाल बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने पांच लोगों को जेल भेजा था। इसमें फरीदाबाद की नीलम भी थी।

नीलम को रिमांड पर लेने के बाद दिल्ली का आनंद राहुल सारस्वत पकड़ा गया। उसने गिरोह के मास्टरमाइंड दिल्ली के एंब्रियोलॉजिस्ट (भ्रूण विज्ञानी) विष्णुकांत का नाम बताया था। नेपाल की अस्मिता को उसकी पत्नी बताया था। विष्णुकांत कर्नाटक भाग गया था। सरगना विष्णुकांत और आठ सदस्यों के खिलाफ थाना डौकी में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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सरगना विष्णुकांत का पता चलने के बाद पुलिस ने गिरोह के सदस्य सूरज नारायन प्रधान और उसकी पत्नी कल्पना को सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया था। बाद में बेंगलुरु से विष्णुकांत पकड़ा गया। उससे पूछताछ में पता चला कि अस्मिता उसकी पत्नी नहीं है। वर्ष 2014 में नेपाल एक अस्पताल में अस्मिता से मुलाकात हुई थी। उससे दोस्ती हो गई थी।

पुलिस की जांच में नेपाल की अस्मिता का नाम सामने आया था। बाद में पता चला था कि वह विष्णुकांत के साथ दिल्ली में रहती है। वह नेपाल में बच्चों को मंगवाती थी। उसने जगह-जगह अपने एजेंट बना रखे थे, जोकि बच्चों को लेकर जाने का काम करते थे। महिलाओं को कमीशन और बच्चों की रकम देते थे। लेकिन पुलिस अब तक उसका सुराग नहीं लगा सकी है।

 

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