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आज विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस पर जाने क्या करें और क्या न

आज 20 अक्टूबर है और आज के दिन को विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस एक प्रकार की बीमारी है।

जी दरअसल ऑस्टियोपोरोसिस लैटिन भाषा से निकला शब्द है और इसका असल अर्थ है- ‘पोरस बोन्स यानी भुरभुरी हड्डियां।’ कहा जाता है उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का लचीलापन कम होता चला जाता है और उनके बीच का गैप अधिक होने लगता है। वहीं मेनोपॉज के बाद भी हड्डियों की सेहत कमजोर होने लगती है और इसके अलावा आनुवंशिक कारणों से भी हड्डियों की सेहत प्रभावित होती है। आपने देखा होगा 30 की उम्र के बाद हड्डियों की हालत खराब हो जाती है और उन्हें ठीक करने में मुश्किल होने लगती है। यह ही ऑस्टियोपोरोसिस कहलाता है। जी दरअसल अस्थिसुषिरता या ऑस्टियोपोरोसिस हड्डी का एक रोग है जिससे फ़्रैक्चर का ख़तरा बढ़ जाता है। अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऑस्टियोपोरोसिस के रोगी क्या करें और क्या न करें।

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ऑस्टियोपोरोसिस के रोगी क्या करें:- ऑस्टियोपोरोसिस के रोगी व्यायाम करें। इसके अलावा तेज चलना शुरू करें। जी दरअसल तेज चलना ऑस्टियोपोरोसिस के लिए पसंदीदा वजन वाला व्यायाम होता है जब तक कि contraindication न हो (उदाहरण के लिए हृदय की स्थिति, निचले हिस्सों की गठिया)। ध्यान रहे ऑस्टियोपोरोसिस के रोगी ट्रेडमिल का उपयोग करते समय झुकाव का उपयोग न करें। इसी के साथ ऑस्टियोपोरोसिस के रोगी हल्के एरोबिक व्यायाम ही करें क्योंकि उच्च प्रभाव वाले एरोबिक अभ्यास पहले से कमजोर हड्डी पर बहुत अधिक तनाव डालते हैं और इससे बचना चाहिए। ऑस्टियोपोरोसिस के रोगी उच्च कैल्शियम आहार में शामिल करें और विशेष रूप से सुबह के समय में सूर्य के संपर्क में आए।

ऑस्टियोपोरोसिस रोगी ये न करें:- ऑस्टियोपोरोसिस रोगी दौड़ने से बचें। इसके अलावा कठिन परहेज़ के साथ कठिन व्यायाम से बचें। ऑस्टियोपोरोसिस रोगी उच्च प्रभाव वाली कठिन सख्त गतिविधियों से बचें। इसके अलावा तंबाकू और शराब के सेवन न करें।

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