Breaking News

चीन ने डोकलाम सीमा पर लगाई केडी-63 क्रूज मिसाइल, तो भारत ने भी पृथ्वी 2 मिसाइल को दिया इशारा

नई दिल्ली: भारत ने परमाणु क्षमता संपन्न पृथ्वी 2 बैलिस्टिक मिसाइल का एक बार फिर से सफल परीक्षण कर टेढ़ी नजर रखने वाले पड़ोसियों को साफ संदेश दिया है। भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा तैयार शॉर्ट रेंज बलिस्टिक मिसाइल (Prithvi short-range ballistic missile) का स्ट्रैटजिक फोर्स कमांड (SFC) ने परीक्षण किया है। संभवतः यह चीन के लिए संदेश है जिसने हाल ही में डोकलाम में परमाणु बॉम्बर तैनात कर दिया।



दुश्मनों पर काल बन कहर बरपेगी पृथ्वी 2 मिसाइल

ओडिशा के बालासोर तट से छोड़े गए इस पृथ्वी 2 मिसाइल ने उन सभी लक्ष्यों को भेदे जो परीक्षण के लिए चुने गए थे। सतह से सतह पर मार करने वाली यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। करीब आधा टन वजनी परमाणु बम ढोने में सक्षम यह मिसाइल 150 से 600 किमी तक वार कर सकती है। पृथ्वी सीरिज की तीन मिसाइलें हैं- पृथ्वी I, II और III। इनकी मारक क्षमता क्रमशः 150 किमी, 350 किमी और 600 किमी तक है।

चूंकि चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (ITR) से जिस अत्याधुनिक मिसाइल को अंधेरे में दागा गया, वह पृथ्वी 2 है, इसलिए वह 350 किमी तक के रेंज में लक्ष्यों को ध्वस्त कर सकता है। खास बात यह है कि पृथ्वी श्रेणी की मिसाइलें भारतीय वायुसेना और थल सेना, दोनों ही अपने बेड़ों में शामिल कर चुकी हैं।

Loading...

इससे पहले चीन ने इस घातक बॉम्‍बर की तैनाती अक्‍साई चिन के काशगर एयरबेस पर की थी। ओपन सोर्स इंटेलिजेंस एनॉलिस्ट Detresfa की ओर से जारी सैटलाइट तस्‍वीर में इस बॉम्‍बर के साथ केडी-63 लैंड अटैक क्रूज मिसाइल भी नजर आ रही है। इस मिसाइल की मारक क्षमता करीब 200 किलोमीटर है। हालांकि पृथ्वी 2 मिसाइल की क्षमता 350 किमी तक के रेंज में लक्ष्य को साधने की है।

चीनी एच -6 के बॉम्बर को लंबी दूरी पर स्थित टारगेट को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह विमान परमाणु हमला करने में भी सक्षम है। चीन ने इस विमान को विशेष रूप से अमेरिका के गुआम बेस को निशाना बनाने के लिए शामिल किया है। इसके पिछले मॉडल में मिसाइल की क्षमता सीमित थी लेकिन इसे अपग्रेड कर अब और उन्नत बनाया गया है।

error: Content is protected !!
%d bloggers like this:
http://newsindialive.in/ Digital marketting agency/