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कृषि बिल के खिलाफ किसानों का आज देशभर में आंदोलन, पंजाब में पटरियों पर डटे; अमृतसर-दिल्ली मार्ग बंद

हाल ही में संसद में पास हुए कृषि से जुड़े तीन विधेयकों का विरोध अब सड़कों पर जोर पकड़ने लगा है। कृषि बिलों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज (25 सितंबर) भारत बंद बुलाया है। किसानों के इस भारत बंद में पंजाब, हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र समेत देश के अन्य राज्यों के किसान शामिल हो रहे हैं। हालांकि आंदोलन का ज्यादा असर पंजाब और हरियाणा में दिख रहा है। कई दिनों से सड़क पर प्रदर्शन कर रहे पंजाब के किसान बृहस्पतिवार को रेल ट्रैक पर बैठ गए हैं। रेल रोको आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने शनिवार तक 20 विशेष ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द और पांच को गंतव्य से पहले रोक दिया है। वहीं पंजाब के किसानों ने कहा कि सरकार अगर उनकी बात नहीं मानती है तो 1 अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए रेल यातायात ठप किया जाएगा। वहीं, हरियाणा में किसानों-आढ़तियों ने राजमार्ग जाम करने की चेतावनी दी है। उधर, यूपी में सपा ने किसान कर्फ्यू और जाम का आह्वान किया है।

किसानों का प्रदर्शन

बता दें कि भारत बंद के लिए 31 किसान संगठनों ने हाथ मिलाया है। इतना ही नहीं, इस भारत बंद को कांग्रेस, अकाली दल समेत कई विपक्षी दलों का समर्थन हासिल है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) समेत कई संगठनों ने कहा है कि उन्होंने विधेयकों के खिलाफ कुछ किसान संगठनों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल का समर्थन किया है। माना जा रहा है कि पंजाब, हरियाणा से लेकर यूपी-महाराष्ट्र तक के किसान आज इस भारत बंद में शामिल हो रहे हैं।

पंजाब में किसान मजदूर संघर्ष समिति तीन दिन तक रेल रोको आंदोलन करेगी, जिसे अन्य किसान संगठनों ने भी समर्थन दिया है। किसानों ने अमृतसर और फिरोजपुर में रेल पटरियों पर कब्जा किया। भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहन) के कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार सुबह बरनाला और संगरूर में रेल पटरियों को जाम किया। पंजाब के 31 किसान संगठनों ने 25 सितंबर को पूर्ण बंदी का एलान किया है। इस बीच, रेलवे ने कहा, अनलॉक के बाद अर्थव्यवस्था में सुधार आ रहा है, ऐसे में रेल सेवा बाधित होने से आवश्यक वस्तुओं और खाद्यान्न परिवहन बुरी तरह प्रभावित होगा।

बता दें कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर प्रस्तावित भारत बंद के दौरान शुक्रवार को हरियाणा में बाजार और मंडियां बंद रहेंगी। किसानों ने प्रमुख रास्तों और रेल ट्रैक पर जाम की चेतावनी दी है। वहीं यूपी में सपा सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस 28 सितंबर को विधानभवन का घेराव करेगी और शुक्रवार से 31 अक्तूबर तक किसान जागरूकता महाभियान चलाएगी।

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गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में कृषि सुधारों से जुड़े तीन बिल संसद से पास कराए हैं। ये हैं कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) बिल-2020, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता बिल-2020 और कृषि सेवा विधेयक-2020। किसानों को आशंका है कि संसद से पारित बिल के जरिये न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म करने का रास्ता खुल जाएगा और उन्हें बड़े कॉरपोरेट की दया पर रहना पड़ेगा।

 

कांग्रेस देश को गुमराह कर रही : कृषिमंत्री
विधेयकों पर किसानों की आशंका के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कृषि उपज को आवश्यक वस्तु अधिनियम से हटाने और बिल के प्रावधानों की पैरवी अतीत में कांग्रेस ने की थी। कांग्रेस की यह राजनीति देश को कमजोर करेगी।

26 तक ट्रेनें रद्द, कई परिवर्तित मार्ग से चलेंगी
पंजाब में रेल ट्रैक पर प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने 26 सितंबर तक पंजाब की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को निरस्त कर दिया है। कई ट्रेनों को अंबाला कैंट, सहारनपुर और दिल्ली स्टेशन पर ही टर्मिनेट किया जा रहा है। किसान आंदोलन को देखते हुए अंबाला-लुधियाना, चंडीगढ़-अंबाला रेल रूट बंद कर दिया गया है। इस वजह से रेलवे ने करीब दो दर्जन ट्रेनों को निरस्त कर दिया है, परिवर्तित रूट से चलाई जा रही है। हरिद्वार-अमृतसर जनशताब्दी, नई दिल्ली-जम्मूतवी स्पेशल राजधानी, अमृतसर-हरिद्वार जनशताब्दी, गोल्डन टेंपल, कर्मभूमि स्पेशल, बांद्रा-अमृतसर, सचखंड एक्सप्रेस, शहीद एक्सप्रेस, सरयू-यमुना, धनबाद-फिरोजपुर, जयनगर-अमृतसर हमसफर एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें शनिवार तक निरस्त रहेंगी। वहीं नांदेड़-अमृतसर ट्रेन पुरानी दिल्ली में खत्म होगी। वहीं 25 और 26 सितंबर को ट्रेन संख्या 02716 अमृतसर के बजाय पुरानी दिल्ली से चलेगी। इसके अलावा कई मालगाड़ियों के मार्ग में भी बदलाव किया गया है। कोरोना महामारी के कारण फिलहाल नियमित यात्री ट्रेन सेवा बंद है।

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