Breaking News

आज राज्यसभा में पेश होगा किसानों से जुड़े तीनों बिल, सरकार ने तैयार किया ये मास्टर प्लान

किसानों के लिए लाए जा रहे तीन कृषि विधेयकों को लेकर आज सड़क से संसद तक विरोध प्रदर्शनों के संभावना हैं इन विधेयकों को लेकर विपक्ष के तेवर तो गरम हैं ही, NDA की सहयोगी अकाली दल के सुर भी बागी हो गए हैं, लेकिन तमाम विरोधों के बीच सरकार इन विधेयकों को आज प्रदेश सभा में पेश करेगी सरकार को भरोसा है कि वो इन विधेयकों को प्रदेश सभा से पास करा लेगी सबसे पहले आपको बताते हैं कि आज वो कौन से तीन बिल हैं जिसे प्रदेश सभा में सरकार पेश करेगी  जिसे लेकर इतना बवाल मचा हुआ है

विपक्ष के विरोध का कारण बने ये बिल हैं

नंबर 1. कृषि उपज व्यापार  वाणिज्य (संवर्धन  सुविधा) बिल
नंबर 2. मूल्य आश्वासन  कृषि सेवाओं पर किसान (संरक्षण एवं सशक्तिकरण बिल)
नंबर 3. आवश्यक चीज संशोधन बिल

अब हम आपको बताते हैं कि सरकार को क्यों भरोसा है कि अकाली दल के विरोध के बावजूद प्रदेश सभा में वो इन तीनों विधेयकों को पास करा लेगी

ये है प्रदेश सभा में सरकार का दावा 

Loading...

245 सदस्यों वाले राज्‍यसभा में भाजपा की प्रतिनिधित्व वाले NDA के पास स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं है, लेकिन कई क्षेत्रीय पार्टियों ने पिछले कई सेशन में सरकार का साथ दिया है प्रदेश सभा में अभी बहुमत का आंकड़ा 122 है भाजपा का दावा है कि उसके साथ 130 सांसद हैं

बीजेपी को AIADMK के 9 सांसदों, टीआरएस के 7, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के 6, शिवसेना के 3, बीजू जनता दल के 9  टीडीपी के 1 सांसद से समर्थन का भरोसा है प्रदेश सभा में भाजपा 86 सांसद हैं राज्यसभा में भले सरकार के पास बहुमत नहीं लेकिन विपक्ष में भी एकजुटता की कमी है, जिसका लाभ सरकार को मिल सकता है

कुछ छोटे दलों ने अपने पत्ते अबतक नहीं खोलें हैं इन पार्टियों के राज्यसभा में करीब दर्जनभर सांसद हैं सरकार की प्रयास होगी कि इन्हें अपने समर्थन में लाया जाए 15 अन्य सांसद पहले से ही सदन की कार्यवाही में भाग नहीं ले रहे हैं 10 सांसद पिछलें सप्ताह से कोरोना पॉजिटिव हैं विपक्ष की ओर से कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सभा में 40 सांसद हैं, जाहिर है अकाली दल के 3 सांसद भी अब इस विधेयक के विरोध में ही वोट करेंगे

कांग्रेस सहित विपक्ष के कई दलों ने इन विधेयकों (Agriculture Bills) को किसान विरोधी करार दिया है पंजाब  हरियाणा के किसान इन बिलों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं केन्द्र सरकार में अकाली दल के कोटे से मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने गुरुवार को इन बिलों को लेकर पद से इस्‍तीफा दे दिया आज जब प्रदेश सभा में इस बिल को पेश किया जाएगा तो सड़क पर भी विरोध प्रदर्शन होने के सारे संभावना हैं, जिसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तमाम बंदोवस्त किए हैं

कृषि विधेयकों के विरोध में 25 सितंबर को होने वाले पंजाब बंद के लिए 31 किसान संगठन एकजुट हुए हैं, किसान मेहनतकश प्रयत्न समिति ने पहले ही 24 से 26 सितंबर के बीच रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया हुआ है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारती किसान यूनियन (क्रांतिकारी), कीर्ति किसान यूनियन, भारती किसान यूनियन (एकता उगराहां), भाकियू (दोआबा), भाकियू (लाखोवाल)  भाकियू (कादियां) आदि संगठन शामिल हो रहे हैं भारतीय किसान यूनियन का बोलना है कि 25 सितंबर को बंद के दौरान सभी मंडियां, बाजार, ट्रक  बस प्रातः काल 4 से शाम 4 बजे तक नहीं चलने दी जाएंगी 20 से 25 सितंबर तक कई जिलों में विधेयकों की कापियां रोज जलाई जाएंगी रेल रोको आंदोलन के लिए किसान संगठन हिमाचल, हरियाणा, जेएंडके, राजस्थान, मध्यप्रदेश  उत्तर प्रदेश के किसानों से भी सम्पर्क कर रहे हैं

error: Content is protected !!
%d bloggers like this:
http://newsindialive.in/ Digital marketting agency/