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अब मिट्टी में मिलेगा में चीन और पाकिस्तान, आज भारत में शामिल होगा वायुसेना का ‘बाहुबली’ राफेल

नई दिल्ली: गुरुवार को देश का महाबली फाइटर जेट राफेल औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना के 17वें स्क्वाड्रन, “गोल्डन ऐरो” का हिस्सा बनेगा. अंबाला वायुसेना बेस में राफेल विमान का औपचारिक अनावरण पारंपरिक रूप से आयोजित ‘सर्व धर्म पूजा’ के साथ किया जाएगा. इस मौके पर अंबाला में होने वाली सेरेमनी में शामिल होने के लिए फ्रांस की रक्षा मंत्री पार्ली अपने 80 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आ रही हैं. इन दोनों कदमों को चीन और पाकिस्तान के लिए एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है.

राफेल के राजतिलक की तैयारी कितनी खास है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इंडक्शन सेरेमनी में चीफ गेस्ट के तौर पर फ्रांस की रक्षा मंत्री फलोरेंस पार्ले और भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे. साथ ही इस ऐतिहासिक क्षण पर CDS जनरल विपिन रावत और वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया मौजूद रहेंगे.

समारोह के लिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के अलावा कैंट इलाके में आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सैन्य टीमें गश्त पर उतर आई हैं. सेना की हथियारबंद टुकड़ियां बाजारों और वहां के मुख्य मार्गों पर गश्त कर रही हैं. सेना क्षेत्रों को जाने वाले मार्गों पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है.

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बताया जा रहा है कि अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में 10 सितंबर को होने वाले समारोह के लिए राफेल जेट के चुनिंदा पायलट कई दिनों से पांचों राफेल के साथ जोरदार अभ्यास कर रहे हैं. इनके अभ्यास के दौरान पूरा आकाश थर्रा रहा है. ध्वनि से भी तेज रफ्तार से उड़ने वाला राफेल जेट एकदम खामोशी से आता है और जोरदार गर्जना के साथ पलभर में ही आंखों से ओझल हो जाता है.

तैयारियां बता रही हैं कि भारत जमीन से लेकर आसमान तक अब अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की गुंजाइश छोड़ना नहीं चाहता. राफेल की ताकत की वजह से भारत के दुश्मनों के होश पस्त हैं. राफेल 4.5 जेनरेशन का लड़ाकू विमान है. भारत और फ्रांस के साथ हुए करार के मुताबिक 2022 तक भारत को 36 राफेल जेट भारत को मिल जाएंगे. पहले 18 राफेल जेट अंबाला एयरबेस में रखे जाएंगे, जबकि बाकी के 18 विमान पूर्वोत्तर के हाशीमारा में तैनात किए जाने का प्लान है.

LAC पर भारत को आंखे दिखा रहे चीन को एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है. भारत और चीन सीमापर बढ़ते तनाव के बीच जम्मू-कशमीर के किश्तवाड़ जिले में भी लड़ाकू विमान उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है. किश्तवाड़ में सोमवार को पहली बार लड़ाकू अपाचे हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई गई. इलाके के हेलीपैड पर दो अपाचे हेलीकॉप्टर उतारने के साथ ही पायलटों ने पूरे क्षेत्र का जायजा लिया.

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