Breaking News

इस आसान आयुर्वेदिक उपाय से बढ़ाएं हीमोग्लोबिन का लेवल…रहें एनीमिया से दूर

 भारतीय महिलाओं में सबसे आम बीमारियों में से एक है एनीमिया यानी खून की कमी. एनीमिया तब होता है जब खून में पर्याप्त स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या हीमोग्लोबिन नहीं होता है. हीमोग्लोबिन के स्तर में कमी या असामान्य होने पर शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है. व्यक्ति इसकी वजह से थकान और कमजोरी महसूस करने लगता है. इसके लक्षणों में त्वचा का पीला होना, सांस लेने में तकलीफ, दिल की धड़कन का असामान्य होना, सिरदर्द, चक्कर आना, हाथों और पैरों का ठंडा होना या सीने में दर्द भी शामिल है. वयस्क महिलाओं में हीमोग्लोबिन का सामान्य स्तर 12 से 16 ग्राम प्रति डेसीलीटर और वयस्क पुरुष में सामान्य हीमोग्लोबिन का स्तर 14 से 18 ग्राम प्रति डेसीलीटर होता है.

एनीमिया के कुछ प्रकार आनुवंशिक होते हैं और कुछ लोगों में एनीमिया बचपन से होता है. गर्भधारण करने योग्य उम्र में महिलाएं मासिक धर्म की वजह से खून की कमी और शरीर द्वारा ज्यादा खून की जरूरत के कारण आसानी से इसकी शिकार हो जाती हैं. अनुचित आहार और अन्य समस्याओं के कारण भी एनीमिया हो सकता है. आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया सबसे सामान्य कारण हैं.

डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि कुछ प्रकार के एनीमिया का इलाज घरेलू उपचारों से किया जा सकता है लेकिन इसके लिए जब तक हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य न हो जाए तब तक इन उपायों का पालन करते रहना चाहिए.
चुकंदर

सभी प्रकार के एनीमिया के लिए चुकंदर का सेवन बेहद फायदेमंद है. चुकंदर, गाजर और शकरकंद को जूसर में मिक्स कर जूस निकाल लें और रोजाना एक बार पिएं. चुकंदर और सेब के जूस में शहद मिलाकर भी पी सकते हैं. बढ़िया नतीजे पाने के लिए दिन में दो बार पिएं.

काला तिल

काले तिल के एक चौथाई कप में लगभग 30 प्रतिशत आयरन होता है, जिससे खून की कमी का इलाज करने में मदद मिलती है. एक चम्मच काले तिल को दो घंटे के लिए पानी में भिगो दें. भीगे हुए तिल लें और इसे पीसकर पेस्ट बना लें. एक गिलास दूध में एक चम्मच तिल और शहद का पेस्ट मिलाएं. इस दूध को रोज पिएं और हीमोग्लोबिन के स्तर को देखते रहें.

Loading...

अनार

एक कप अनार का रस लें. इसमें एक चौथाई चम्मच दालचीनी पाउडर और दो चम्मच शहद मिला दें. रोजाना इस मिश्रण को नाश्ते के साथ लें. एक अन्य विकल्प ये भी है कि दो चम्मच सूखे अनार के बीज के पाउडर को गर्म दूध के गिलास में मिला दें और दिन में एक या दो बार पी लें.

पालक

पालक खून की कमी के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपचार है. इसमें आयरन होने के साथ विटामिन बी 12, फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व हैं. पालक का आधा कप लगभग 35 प्रतिशत आयरन और 33 प्रतिशत फोलिक एसिड देता है. पालक का सूप बनाकर पी सकते हैं. इसके अलावा यह भी कर सकते हैं कि ताजा पालक के रस के गिलास में दो चम्मच शहद मिलाएं और दिन में एक बार पिएं.

एनीमिया के रोगी को जीवन जीने के तरीके में ये बदलाव लाने चाहिए :

  • अपने पाचन तंत्र का ख्याल रखें. मसालेदार भोजन के सेवन से बचें. इसके अलावा, मांसाहारी भोजन करने से बचें.
  • दाल के सूप, सब्जी सूप सहित हल्का भोजन लें.
  • एनीमिया रोगी का भोजन लोहे के बर्तनों में पकाएं. यह शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है.
  • भोजन के साथ चाय, कॉफी न पिएं.
  • व्यायाम नियमित रूप से करें.
  • रोजाना दो बार ठंडे पाने से नहाएं. इससे ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है.
error: Content is protected !!
%d bloggers like this:
http://newsindialive.in/ Digital marketting agency/