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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने किया खुलासा, भारत में कब आएगी कोरोना वैक्सीन- पहले किसे मिलेगी

 कोविड-19 को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से किए जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद इससे संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में सारी उम्मीदें कोरोना वैक्सीन पर टिकी हुई हैं। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर कब तक यह वैक्सीन आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। इसका खुलासा किया है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यह वैक्सीन सबसे पहले किन लोगों को दी जाएगी।
Coronavirus | Four COVID-19 vaccine candidates may enter clinical trial  phase in 3-5 months, says Harsh Vardhan ...

एक इंटरव्यू में डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि पूरी दुनिया में कोरोना की वैक्सीन को लेकर तेजी से काम हो रहा है। ऐसी उम्मीद है कि भारत की वैक्सीन्स का ट्रायल इस साल के आखिर तक खत्म हो जाएगा, तभी वैक्सीन के असर के बारे में भी बताया जा सकेगा। ऑक्सफोर्ड की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा उत्पादित की जा रही वैक्सीन को भी समांतारित तौर पर उत्पादित किया जाएगा ताकि जिस समय तक इसको बाजार में लाने की बात होगी तब तक इसे बड़ी मात्रा में तैयार कर लिया जाएगा। बाकी दो वैक्सीन को बाजार में पेश करने के लिए 2 महीनों का समय लगेगा।

उन्होंने कहा कि यह उम्मीद की जाती है कि यदि टीका परीक्षण के परिणाम अच्छे हैं, तो हम 2021 की पहली तिमाही तक टीका का उपयोग करने के लिए तैयार हो सकते हैं। कोवाक्सिन के मानव परीक्षण का काम दो सप्ताह पहले हैदराबाद में शुरू हुआ था और साल के आखिर तक उपलब्ध हो सकता है।
कोरोना की देसी वैक्सीन की जगी उम्मीद, स्वास्थ्य मंत्री ...

उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन विनिर्माण औद्योगिक आधार है जो दुनिया भर में उपयोग किए जाने वाले बचपन में लगाए जाने वाले टीके प्रदान करता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) भारत बायोटेक के साथ सहयोग कर रहा है और उसने एक समझौता ज्ञापन में बनाया है जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि सफल हुआ तो भारत सरकार को एक सस्ती और रियायती दर पर टीके प्रदान करने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि CMR द्वारा समर्थित तीन कोविड -19 वैक्सीन परीक्षणों के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ बातचीत चल रही है। सीरम इंस्टीट्यूट और आईसीएमआर ऑक्सफोर्ड और अन्य दो वैक्सीन के परीक्षण के लिए हैं। एक बार जब चरण I और II के परिणाम उपलब्ध होंगे, तो रोल आउट करने की योजना के विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
Bangladesh to get Indian COVID-19 vaccine on priority, says Harsh Vardhan  Shringla

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कोरोना वैक्सीन किसे पहले दी जाएगी, संबंधी सवाल पर उन्होंने बताया कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, स्वास्थ्य देखभाल कर्मी, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता और कमजोर उपसमूहों  वाले लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी और उसके बाद उपलब्ध खुराक को लेकर एक विशेष ड्राइव विकसित की जाएगी।

कोरोना की रोकथाम को लेकर उन्होंने कहा कि इस संक्रमण को सात महीने हो गए हैं लेकिन वैश्विक स्तर पर तीव्रता के साथ इसकी दूसरी लहर नहीं देखी गई है। हम अब इस संक्रमण के इतिहास को समझने में लगे हुए हैं. अब तक कई देशों ने वायरस रोकने की सूचना दी है लेकिन पहली बार की तुलना में दूसरी बार कम स्तर पर संक्रमण के होने की बात कही है। ये अभी साफ नहीं है कि कोरोना की दूसरी लहर प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण कम प्रभावी है या लोगों के सावधानी बरतने के कारण।
Given our constraints, India handled Covid-19 situation very maturely: Dr Harsh  Vardhan | India News,The Indian Express

भारत में कोरोना से मृत्यु दर को लेकर उन्होंने कहा कि मृत्यू दर आयोजित टेस्टों की संख्या, सकरात्मक दर, बेहतर प्रबंधन रणनीति और बेहतर स्वास्थ्य प्रणालियों की प्रतक्रियाओं पर निर्भर करता है। मृत्यू दर का सात दिन का औसत चार्ट देख कर पता चला है कि 30 जून को  मृत्यू दर 3.27 प्रतिशत था तबसे लेकर अब तक मृत्यू दर में कमी देखी गई है, वर्तमान में मृत्यू दर 1.9 प्रतिशत है। प्रभावी नियंत्रण, टेस्टिंग, ट्रैकिंग और क्लिनिकल ट्रीटमेंट के बेहतर प्रदर्शन ने ही मृत्यू दर को कम करने में मदद की है।

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