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मात्र 8 रूपये में गरीबों को भरपेट भोजन देगी गहलोत सरकार, जानिए रसोईं से जुड़ी ये खास बातें

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार की गरीब और जरूरतमंद लोगों को पौष्टिक भोजन देने वाली इंदिरा रसोई योजना के शुरू होने से पहले ही सियासत शुरू हो गई है। गहलोत सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि बीजेपी सरकार में बनी अन्नपूर्णा योजना का नाम बदलकर इंदिरा रसोई रख दिया गया है।

बता दें कि, आगामी 20 अगस्त यानी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर गहलोत सरकार गरीबों को पौष्टिक भोजन देने के लिए इंदिरा रसोई योजना लॉन्च करने जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीते 23 जून को इंदिरा रसोई योजना की घोषणा की थी। इस योजना के माध्यम से राज्य के गरीब व निर्धन लोगों को सस्ते दामों पर पौष्टिक भोजन दिया जाएगा।

आपको बताते हैं योजना की खास बातें…

– योजना के तहत रोजाना 134000 लोगों का पेट भरा जाएगा।

– लोगों को रसोई में सम्मान पूर्वक तरीके से बैठा कर खाना खिलाया जाएगा।

– मात्र 8रुपए में व्यक्ति को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

– प्रदेश के सभी 213 शहरों में इसके लिए कुल 358 स्थाई रसोईया स्थापित की गई हैं।

– जयपुर में 20, जोधपुर में 16, कोटा में 14 भरतपुर में 5 और शेष नगर निगमों में 10-10 रसोईयां स्थापित की गई हैं।

– हर नगर परिषद में तीन और हर नगर पालिका में एक स्थाई रसोई स्थापित की गई है।

– नगर निगमों में हर रसोई से 300 लोगों को लंच और 300 लोगों को डिनर दिया जाएगा।

– नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्रों में 150 लोगों को लंच और 150 लोगों को डिनर दिया जाएगा।

– प्रति थाली 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, ढाई सौ ग्राम चपाती और अचार दिया जाएगा।

– क्षेत्र विशेष को देखते हुए प्रचलित भोजन सामग्री भी उपलब्ध कराई जा सकेगी।

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– लंच प्रातः 8:30 से लेकर दोपहर 1:00 बजे तक और डिनर शाम 5:00 बजे से लेकर 8:00 बजे तक उपलब्ध कराया जाएगा।

– गुणवत्तापूर्ण  भोजन देने  के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से रसोई का सर्वश्रेष्ठ संचालन करने वाली संस्था होगी पुरस्कृत।

– कलेक्टर हर साल जिले की 2 संस्थाओं को करेंगे पुरस्कृत।

– इनमें से एक संस्था को राज्य स्तर पर सम्मान के लिए किया जाएगा नॉमिनेट।

– हर रसोई में सीसीटीवी कैमरा, कंप्यूटर सिस्टम और इंटरनेट की व्यवस्था की गई है।

– इनके माध्यम से लाइव फीड योजना के ऐप पर उपलब्ध रहेगी।

– रसोई पर मौजूद सीसीटीवी कैमरे के लाइव फीड और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मोनिटरिंग की जाएगी।

– जो भी व्यक्ति रसोई में खाना खाने आएगा उसकी फोटो खींची जाएगी।

– उसकी फोटो और मोबाइल नंबर सिस्टम में अपलोड होगा।

– इंटरनेट कनेक्शन अगर बाधित होता है तो मोबाइल ऐप से भी फोटो और लाभार्थी का मोबाइल नंबर अपलोड किया जा सकेगा।

– सभी लाभार्थियों का प्रतिदिन का डाटा योजना की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा।

– आमजन भी वेबसाइट पर इस संबंध में जानकारी ले सकेंगे।

– लाभार्थियों के हिसाब से ही संबंधित संस्था को सरकार भुगतान करेगी।

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