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मोदी सरकार के खिलाफ़ बगावती सुर तेज, अब एक और दलित सांसद ने खोला मोर्चा

इटावा। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अंदर दलित नेताओं के बगावती सुर थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बीजेपी के दलित सांसद अशोक दोहरे ने गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और अपना शिकायती पत्र सौंपा। 
इटावा के बीजेपी सांसद अशोक दोहरे भी दलित उत्पीड़न से आहत हैं।  बतातें चलें कि पिछले दिनों बहराइच की सांसद सावि​त्री बाई फुले ने एससी, एसटी एक्ट को लेकर मोदी सरकार की जमकर घेराबंदी कर चुकीं हैं ।  इसके बाद बीजेपी के रॉबर्ट्सगंज से दलित सांसद छोटेलाल का नाम भी इस सूची में जुड़ गया था ।

झूठे मामलों में दलितों को फंसा रही है यूपी पुलिस

सांसद का आरोप है कि भारत बंद के बाद पूरे देश व यूपी में पुलिस दलितों का जमकर उत्पीड़न कर रही है।  उन्होंने कहा कि झूठे मामलों में दलितों को फंसाया जा रहा है।  पत्र में बीजेपी सांसद ने लिखा है कि अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है।  पुलिस निर्दोष लोगों को घरों से निकाल कर जतिसूचक शब्दों द्वारा मारपीट व अपमानित करके उन्हें गिरफ्तार कर रही है।  जिसकी वजह से इन वर्गों में रोष व असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।
इटावा के बीजेपी के दलित सांसद अशोक दोहरे औरैया जनपद के ग्राम रमपुरा के रहने वाले हैं।  विगत वर्ष 2000 तक यह अजीतमल ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर तैनात रहे।  बीएसपी सुप्रीमो मायावती से प्रभावित होकर वर्ष 2000 में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर बीएसपी में शामिल हो गए।

छोटेलाल भी उठा चुके हैं दलित उत्पीड़न का मुद्दा

इससे पहले बीजेपी के रॉबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुके हैं , उनका आरोप है कि जब सपा सरकार के दौरान गुंडा राज चल रहा था। तब चंदौली में नौगड़ ब्लॉक का प्रमुख पद पर  बीजेपी की यह अकेली जीत थी,लेकिन आज अपनी ही सरकार में उनके भाई को ब्लॉक प्रमुख पद से हटाने की साजिश हो रही है।  इसमें बीजेपी के ही नेताओं के सहयोग से बसपा ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है।  उन्होंने कहा कि ये मसला दो महीने पूर्व का है।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष व संगठन महामंत्री ने  नहीं की कोई मदद

9 मार्च को चुनाव हुआ और भूमाफिया, गुंडे की पत्नी को ब्लॉक प्रमुख के पद पर बिठा दिया गया।  सांसद का  आरोप है कि उनका दोष सिर्फ इतना था कि उन्होंने सामन्य सीट पर दलित को प्रमुख बनाया।  इस संबंध में वह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय से भी मिले।  दो बार संगठन महामंत्री सुनील बंसल से भी मिले।  यही नहीं वह क्षेत्रीय अध्यक्ष से लेकर जिला अध्यक्ष तक से गुहार लगाई।  प्रभारी मंत्री से मिले, लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की।

आरक्षण ख़त्म हुआ तो कोई दलित  नहीं बन सकेगा विधायक और सांसद

वहीं एक अप्रैल को सांसद सावित्री बाई फुले ने लखनऊ में एक विशाल रैली कर अपने तेवर साफ कर दिए।  उन्होंने कहा अगर आरक्षण से छेड़छाड़ हुई तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगी।  उन्होंने कहा था कि अगर आरक्षण ख़त्म हुआ तो कोई दलित विधायक और सांसद नहीं बन सकेगा।

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