Breaking News

इस दिन ‘शारीरिक संबंध’ बनाने से घर में होता है ‘किन्नर का जन्म’

किन्नर समुदाय को हमारे समाज में रहस्य हैं जिनपर से पर्दा उठना अभी बाकी है। किन्नरों के कई रहस्य ऐसे हैं जिससे दुनिया आज भी अंजान है। ऐसे में उनके रहस्यों को हर कोई जानना चाहता है। आपको बता दें कि किन्नरों की दुनिया जितनी बारह से अलग दिखती है उतनी ही रहस्यमयी अंदर से भी है। यहां तक की उनके रीति-रिवाज़ और संस्कार अन्य धर्मों से बिल्कुल अलग हैं। 
इस समुदाय को हम लोग थर्ड जेंडर, ट्रांस जेंडर और किन्नर जैसे अलग-अलग नामों से जानते। आज हम आपको किन्नरों से जुड़ा एक ऐसा राज बताने जा रहे हैं जिसे आप नहीं जानते होंगे। आज हम आपको बातने जा रहे हैं कि किस दिन शारीरिक संबंध बनाने से किन्नरों का जन्म होता है।
किन्नरों की रहस्यमयी दुनिया
किन्नरों के बारे में आम लोगों को बहुत कम जानकारी होती है। आपको बता दें कि ज्यादातर लोग जन्मजात की किन्नर होते हैं। जबकि, कुछ अपनी मर्जी और परिस्थितियों के कारण किन्नर बनने को मजबुर हो जाते हैं। किन्नर अरावन को अपना अराध्य देव मानते हैं। वो अपने आराध्य देव से साल में एक बार शादी करते हैं। यह शादी सिर्फ एक दिन के लिए होती है। ऐसी मान्यता है कि अगले दिन उनके अराध्य देव की मौत हो जाती है जिसके कारण उनका वैवाहिक जीवन उसी दिन खत्म हो जाता है।
हिन्दू धर्मशास्त्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि किस दिन शारीरिक संबंध बनाने से किन्नरों का जन्म होता है। हिन्दू धर्मशास्त्र में एक गर्भ शास्त्र है जिसमें इस बात का विस्तृत वर्णन किया गया है कि किस दिन शारीरिक संबंध बनाने से किन्नरों का जन्म होता है। इस शास्त्र में ये बताया गया है कि पति पत्नी को किस वक़्त एक दूसरे के साथ होने से सुंदर और स्वस्थ्य अच्छे पैदा आते हैं। साथ ही इसमें ये भी बताया गया है कि किस वक़्त शारीरिक संबंध बनाने से बच्चे किन्नर पैदा होते हैं। तो आइये आपको बताते हैं कि किस दिन शारीरिक संबंध बनाने से किन्नरों का जन्म होता है।
किस दिन शारीरिक संबंध बनाने से किन्नरों का जन्म होता है
गर्भ पुराण में संतान से जुड़ी की कुछ जरुरी बातों का जिक्र किया गया है। इस पुराण में गर्भ से जुड़ी कुछ बेहद दिलचस्प बातें बताई गई है। आपको ये बातें जानना बेहद जरुरी हैं। ये बातें अगर आप जान गए तो आपको कभी भी संतान सुख से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। गर्भ शास्त्र में इस बात का भी जिक्र है कि त्रुटि के साथ संतान कब पैदा होती है। गर्भ पुराण में ये बात बताई गई है कि पति पत्नी के किस समय संबन्ध बनाने से किन्नर बच्चा पैदा होने का खतरा बढ़ा जाता है। वैसे तो माँ के गर्भ में पल रहे शिशु पर 9 महिनों के दौरान होने वाली घटनाओं का प्रभाव पड़ता है, लेकिन संबंध बनाने के समय और दिन का भी असर होता है।
गर्भ पुराण के अनुसार, अगर पति पत्नी मंगलवार के दिन संबंध बनाते हैं और इससे गर्भ ठहरता है तो किन्नर पैदा होने का खतरा ज्यादा होता है। इस दिन हुआ गर्भधारण बहुत ही गुस्सैल घमंडी स्वभाव का हो सकता है। मंगलवार को मंगल ग्रह बहुत अधिक प्रभावी रहता है जिस वजह से इस दिन पैदा होने वाले बच्चो मंगल का प्रभाव पड़ता है। इसी तरह के कई अन्य दिनों का भी उल्लेख किया गया है जिसमें शारीरिक संबंध बनाने से बच्चों पर इसका असर पड़ता है।

आपका एक लाइक बताएगा कि आपको यह खबर पसंद आई है, अगर खबर पसंद है तो लाइक जरुर करें?

Loading...
error: Content is protected !!
http://newsindialive.in/ Digital marketting agency/