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जानिए देह धंधे की मज़बूरी, जहाँ एक तरफ होता है बच्चा और दूसरी तरफ ग्राहक !

आज हम आपको वेश्यावृति के उस पहलू से रूबरू करवाएंगे जिसके बारे में जान कर आपके पैरो तले से जमीन ही खिसक जायेगी. जी हां यूँ तो हमारे देश में वेश्यावृति का धंधा कई सदियों से चला आ रहा है, पर आज कल इसका अलग ही रंग देखने को मिलता है. बरहलाल आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी बताने वाले है, जो बिलकुल सच है और जो वास्तव में घटित हुई है. इस कहानी के अनुसार मीरगंज की सड़क पर सुभाष को अंदर घुसते ही एक लड़का मिलता है.
बता दे कि बाइस साल का यह लड़का देह धंधा करने वाली लड़कियों के लिए ग्राहक ढूंढ कर लाता है. ऐसे में इस लड़के की बातो में फंस कर सुभाष कमरे में चला जाता है. जहाँ उसे एक लड़की मिली थी. गौरतलब है, कि सीढिया चढ़ कर सुभाष जब दूसरी मंजिल पर पहुंचा, तो उसने एक जैसे बहुत से कमरे देखे. इस दौरान कुछ कमरों के दरवाजे खुले थे और कुछ के दरवाजे बंद थे. इसी बीच लड़के के एक कमरे का दरवाजा खोला और सुभाष को अंदर भेज दिया. बता दे कि उस कमरे में बीस बाइस साल की एक लड़की थी, जिसने सुभाष को तख्त पर बैठने का इशारा किया.
ऐसे में सुभाष को लगा कि वो लड़की इस धंधे में नयी थी और काफी असहज महसूस कर रही थी. मगर फिर भी थोड़ी देर बाद सुभाष ने उस लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने की शुरुआत की, पर फिर उसे लगा कि शायद यह लड़की हाल ही में माँ बनी है. इसके बावजूद भी वह लड़की बोली कि यह तो रोज का काम है और इसी से हमारी रोटी चलती है. इसी से मेरा और मेरे बच्चे का पेट भरता है. इसके बाद सुभाष ने इंसानियत के नाते पूछा कि ग्राहक के साथ समय बिताने के दौरान कभी तुम्हारा बच्चा रोता नहीं?
इस पर लड़की ने कहा कि ये बच्चा यही का है और इसलिए इसे यहाँ की हर आहट का पता है. ऐसे में जब तक कोई पराया मर्द यहाँ रहता है, तब तक यह भी सोता रहता है. आप इसकी चिंता मत कीजिये. हालांकि सुभाष के लिए यह पहला अनुभव था, पर वो लड़की बच्चा होने के बाद तीसरे दिन से ही यह काम करने लगी थी और इसलिए उसके लिए कुछ भी नया नहीं था. मगर फिर सुभाष ने पूछा कि बच्चा देखने के बाद ग्राहक दूर नहीं जाते. इस पर लड़की ने कहा कि ग्राहक को सब मालूम होता है और कई बार वो ऐसी ही औरतो के साथ संबंध बनाना चाहते है, क्यूकि उनके लिए ये नया अनुभव होता है.
गौरतलब है, कि मीरगंज जैसे वेश्या बाजारों में बहुत सी औरते ऐसी होती है, जो न चाहते हुए भी माँ बन जाती है. हालांकि माँ बनने के बावजूद भी वो यह काम करती है. यहाँ तक कि सातवे और आठवे महीने में भी वह संबंध बना लेती है. बता दे कि एक बच्चे के साथ रह रही महिला अनीता का कहना है कि हम एक या दो महीने भी खाली नहीं बैठ सकते. दरअसल बच्चा पेट में होने के कारण ग्राहक तब हमें कम पसंद करता है. मगर जब बच्चा हो जाता है, तब उसे इस बात की कोई फ़िक्र नहीं कि बच्चा छोटा है.
हालांकि माँ बनने के बाद संबंध बनाने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इस दौरान हमें बहुत सम्भल कर धंधा करना पड़ता है. बता दे कि 2016 में पुलिस ने जब मीरगंज पर छापा मारा था तो ऐसी बहुत सी महिलाओ को पकड़ा था जिनके पास एक महीने से लेकर एक साल तक के बच्चे थे. हालांकि पुलिस ने महिलाओ को बच्चो के साथ ही जेल भेज दिया. इसके इलावा बहुत सी औरते तो अपने बच्चो को ही ग्राहक लाने का काम सौंप देती है.
इस बारे में एक महिला जिसका नाम सरला है उसका कहना है कि ग्राहक से मिलने वाले पैसो पर दलाल और कोठे की मालकिन का भी हिस्सा होता है. बरहलाल अब खुद के ही खर्चे इतने बढ़ गए है और ग्राहक से भी ज्यादा पैसे नहीं मिलते और ऐसे में अगर उनका बच्चा ग्राहक ले आता है तो दलाल के पैसे बच जाते है. बता दे कि मीरगंज का इतिहास बहुत पुराना है. जी हां यहाँ पहले मुजरा होता था और मुजरा करने वाली महिलाएं बंजारन होती थी. ऐसे में दूर दूर से लोग मनोरंजन के लिए यहाँ आते थे. हालांकि पहले यहाँ मुजरे की आड़ में देह धंधा होता था, पर अब देह धंधा करने के लिए किसी की आड़ लेने की भी जरूरत नहीं पड़ती.
इसके इलावा पुलिस और इलाके के गुंडे यहाँ वसूली करने आते है. बता दे कि यहाँ अधिकतर लड़किया नेपाल से आती है. जिसके चलते इस गली का नाम ही नेपाली गली पड़ गया. गौरतलब है, कि कुछ दिन पहले पुलिस ने यहाँ रेहाना नाम की एक औरत को पकड़ा था. मगर उसे आगरा के नारी सुरक्षागृह में भेज दिया गया. बता दे कि जेल जाने से पहले वह अपनी दोनों बेटियों को नीमा के पास छोड़ गई थी. पर जब वह जेल से वापिस आई तब नीमा उसकी दोनों बेटियों को लेकर गायब हो चुकी थी. ऐसे में रेहाना अपनी दोनों बेटियों को ढूंढ रही है और उसने पुलिस में रिपोर्ट लिखवाई है, पर कोई फायदा नहीं हुआ.
इस बारे में रेहाना का कहना है कि मुझे इस बात की फ़िक्र है कि कही मेरी बेटियों का हाल भी मेरे जैसा न हो जाए. बरहलाल मीरगंज एक ऐसा बाजार है, जहाँ देह बेचने और खरीदने वाले दोनों को बिचौलिए के सहारे रहना पड़ता है. यही वजह है कि इस बाजार की रौनक अब खत्म हो चुकी है.
गौरतलब है, कि वेश्या से संबंध बनाने की कीमत तय होने के बावजूद भी कोठे की मालकिन और दलाल ग्राहक से जोर जबरदस्ती करते है. यहाँ तक कि कई बार तो वेश्या खुद ही ज्यादा पैसे देने की मांग करने लगती है. इसके इलावा नए ग्राहकों के साथ तो यह नजारा और भी बुरा होता है. ऐसे में अगर ग्राहक मजबूत हो और वह जोर जबरदस्ती पर आ जाए तो मार पीट होना तो आम सी बात है.
बरहलाल इन सबके बाद हम तो यही कहेगे कि भगवान् किसी भी माँ को, फिर भले ही एक वेश्या माँ क्यों न हो, पर किसी को ऐसे दिन न दिखाए.

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