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तरनतारन सेवा केंद्र से चल रहे नकली आर्म्स लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश, छह लाइसेंसधारकों समेत आठ गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपियों से छह नकली लाइसेंस, सात हथियार और लैपटॉप बरामद
शक के दायरे में आने वाले गन हाउसों की भूमिका की होगी जांच, बोले डीजीपी
खबर खास, चंडीगढ़ /अमृतसर :
पंजाब पुलिस की अमृतसर कमिश्नरेट ने नकली असलाह लाइसेंस बनाने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों और छह जाली हथियार लाइसेंसधारकों को गिरफ्तार इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसकी जानकारी डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने यहां दी।
बताया जा रहा है कि यह रैकेट तरनतारन सेवा केंद्र से जिला मैनेजर सूरज भंडारी की मिली भगत से चल रहा था। सूरज फिलहाल फरार बताया जा रहा है। डीजीपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए गिरोह के सदस्यों में तरनतारन सेवा केंद्र का कर्मचारी हरपाल सिंह और एक फोटोस्टेट दुकान का मालिक बलजीत सिंह शामिल हैं। इन लोगों ने कबूल किया है कि वह जाली हथियार का लाइसेंस बनाने के लिए आधार कार्ड और हथियार लाइसेंस प्रोफार्मा समेत आवश्यक पहचान पत्रों से छेड़छाड़ करते थे। पुलिस टीमों ने उनसे एक लैपटाप भी बरामद किया है जिसमें अलग-अलग संपादित दस्तावेजों का विवरण और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले ऑनलाइन ओपन सोर्स शामिल हैं।
दरअसल इस रैके का पर्दाफाश इसी साल नौ अप्रैल को इरादतन कत्ल के एक मामले में गिरफ्तार किए गए अन्नगढ़ के बबलू उर्फ बल्लू के जरिए हुआ। उसने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि सह आरोपी कंवरदीप सिंह के साथ नकली लाइसेंसी हथियार रखने की बात को स्वीकार किया था।
डीजीपी ने बताया कि आरोपी बल्लू के खुलासे के बाद एडीजीपी जोन-1 डा.दर्पण आहलूवालिया और एसीपी सेंट्रल सुरिंदर सिंह की निगरानी तले थाना गेट हकीमां से टीमों ने जांच शुरू की और पता लगाया कि हथियार लाइसेंस डीसी कार्यालय तरनतारन से तस्कद किया गया था पर इस संबंध में सरकारी रेकार्ड में कोई जानकारी दर्ज नहीं थी। उन्होंने कहा कि तरनतारन क लोगों के अलावा अपराधिक पृष्ठभूमि वाले अमृतसर के रहने वाले भी तरनतारन से नकली आधार कार्ड के आधार पर नकली लाईसेंस बना रहे थे। डीजीपी ने हालांकि गन हाउसों की मिलीभगत से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस टीमें ऐसे गन हाउसों की भूमिका की जांच कर रही है जिनपर फर्जी लाइसेंस होने का पता होते हुए बिना ऑनलाइन वैरीफिकेशन के हथियार बेचा था।
वही, सीपी अमृतसर रणजीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि 11 जून को एक मामला दर्ज किया गया था और पांच अन्य जाली हथियार लाइसेंसधारकों भी गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि आज पकड़े गए आरोपियों से छह नकली हथियार लाइसेंस, फर्जी आधार कार्ड और सात हथियार, जिसमें .32 बोर के चार पिस्तौल, .32 बोर के दो रिवाल्वर और एक डबल बैरल राइफल शामिल है, बरामद किए गए हैं।

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