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‘आचार संहिता लगने के बाद दिल्ली के सीएम की गिरफ्तारी इमरजेंसी नहीं तो क्या?’

‘आप’ राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने दिल्ली और पंजाब के मुद्दे संसद में उठाए
खबर खास, नई दिल्ली :
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री डॉ संदीप पाठक ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अवैध गिरफ्तारी समेत दिल्ली और पंजाब के कई अहम मुद्दे संसद में उठाए। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलते हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने कहा कि हमने राष्ट्रपति के अभिभाषण का बहिष्कार किया था।
उन्होने कहा कि किसी भी सरकार के कार्यकाल को देखकर यह कहा जाता है कि उस सरकार का लक्ष्य क्या है और वह सरकार क्या करना चाहती है? इस सरकार के एक भी विषय में कोई विजन नहीं दिखाई देता है। इनके पिछले 10 सालों में सिर्फ गुड़, गोबर, मंगलसूत्र, भैंस, मुजरा जैसी बातें सुनाई देती हैं। देश के प्रधानमंत्री के मुख से इस तरह की बातें शोभा नहीं देती।
संदीप पाठक ने आगे कहा कि मोदी सरकार का पिछले 10 सालों का कार्यकाल सिर्फ क्रोध, घृणा और अहंकार से भरा हुआ है। इतना ज्यादा अहंकार किसी के लिए भी अच्छा नहीं होता। इलेक्टोरल बॉन्ड पर बोलते हुए संदीप पाठक ने कहा कि यह लोग इलेक्टोरल बॉन्ड लेकर आए। इलेक्टोरल बॉन्ड में 55 फ़ीसदी चंदा भाजपा को दिया जाता है। घाटे में चल रहीं 33 कंपनी ऐसी हैं जिन्होंने अपने कुल इलेक्टोरल बॉन्ड में से 75 फीसदी पैसा बीजेपी को दिया। यह चंदा जो भाजपा को गया उसके लिए कौन जिम्मेदार है? सप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इलेक्टोरल बॉन्ड असंवैधानिक है। इसपर सरकार ने कहा कि हम इसको रिवाइव करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के हर ऑर्डर को आप रिवाइव करते हो और हर आदेश को कानून बनाकर पलट देते हो। इसमें प्रजातंत्र कहां है? आज देश में सिलेक्टिव इमरजेंसी लगी हुई है। चुनाव हारने के बाद भाजपा ने 11 राज्यों में खरीद-फरोख्त के मध्यम से अपनी सरकार बनाई। इसमें बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश समेत 11 राज्य शामिल हैं। यह इमरजेंसी नहीं है तो फिर क्या है?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अवैध गिरफ्तारी पर बोलते हुए संदीप पाठक ने कहा कि आज से पहले तक चुनाव में जेल का कोई रोल नहीं होता था। चुनाव में आचार संहिता लगने के बाद अरविंद केजरीवाल जो कि एक चुने हुए मुख्यमंत्री हैं उनको जेल में भेज दिया जाता है। आचार संहिता लगने के बाद उनकी गिरफ्तारी की जाती है। आपके अंदर सामने से चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं है। आप पहले ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करते हो। उससे काम नहीं बनता तो आप सरकार को खरीदने और धमकाने का काम करते हो। उससे भी काम नहीं बनता तो आप एक मुख्यमंत्री को जेल में डाल देते हो। यह सिलेक्टिव इमरजेंसी नहीं है तो फिर क्या है?
उन्होंने आगे कहा कि अगला मुद्दा सरकारी अधिकारियों का है। जितने भी आईएएस और आईपीएस पढ़ाई करते हैं तो वह देश भावना के साथ पढ़ाई करते हैं। आज उनके ऊपर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। इतने दबाव में वह कहां से देश की सेवा कर पाएंगे?

दिल्ली में पानी का मुद्दा उठाते हुए संदीप पाठक ने कहा कि इन्होंने दिल्ली का 100 एमजीडी पानी कम कर दिया। 28 लाख लोगों को भाजपा ने पानी के लिए तरसा दिया है। क्या हमारे देश की हालत यह हो गई है कि हम अपनी राजनीति के लिए लोगों का पानी रोकेंगे? पंजाब के हिस्से के 8000 करोड रुपए आप रखकर बैठे हुए हैं। 26 जनवरी के दिन आप पंजाब की झांकी को उसमें शामिल करने से मना कर देते हो। पंजाब दिन रात देश के लिए शहीदी दे रहा है। पंजाब देश का पेट पाल रहा है और भाजपा सरकार 26 जनवरी के दिन पंजाब की झांकी को शामिल करने से मना कर देती है। ऐसी स्थिति पर मुझे भाजपा पर धिक्कार है। पहले आप 300 से 240 सीटों पर आए। ईश्वर साक्षी है कि अगली बार आपको इतनी हाय और बददुआएं लगेंगी कि आपको 40 सीटों पर आते-आते देर नहीं लगेगी।

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