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पंजाब के मुख्य सचिव ने प्रदेश में नशे को जड़ से खत्म करने के लिए बहुआयामी रणनीति बनाने पर दिया जोर

इसके लिए सभी सम्बन्धित विभागों के बीच तालमेल और सहयोग पर दिया जोर
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से नशे की कुरीति को जड़ से समाप्त करने के निर्देशों पर पंजाब के मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने बुधवार को इस दिशा में सभी प्रमुख विभागों के दरमियान तालमेल और सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित बहुआयामी रणनीति तैयार करने के लिए कहा।
प्रदेश के प्रशासनिक और पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने राज्य में नशे से प्रभावित स्थानों की पहचान करने के साथ-साथ राज्य में प्रतिबंधित दवाएं बेचने वाले कैमिस्टों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को नयी भर्ती और पदोन्नति के द्वारा ड्रग कंट्रोलरों की संख्या बढ़ाने के लिए भी कहा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में नशा तस्करों को कड़ी सजा यकीनी बनाने के लिए कई सुधार करने संबंधी भी विचार कर रही है।मुख्य सचिव ने आगे कहा कि एनडीपीएस एक्ट को पूरी सरगर्मी के साथ लागू किया जाये और नशा तस्करों को मिसाल पेश करते हुए सजा और उनकी जायदाद ज़ब्त करने को भी यकीनी बनाया जाये। उन्होंने राजस्व विभाग और पुलिस को एक दूसरे के साथ मिलकर काम करने के लिए कहा जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि ड्रग मनी के द्वारा हासिल की गई हर जायदाद को ज़ब्त किया जाये। उन्होंने कहा कि एनसीओआरडी की मीटिंगें राज्य और ज़िला स्तर पर निरंतर होनी चाहिएं।
अनुराग वर्मा ने राज्य में खेल गतिविधियों में विस्तार करके नौजवानों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करने पर भी ज़ोर दिया। मुख्य सचिव को अवगत करवाया गया कि नयी खेल नीति के अंतर्गत 3-4 किलोमीटर के दायरे में पड़ते गाँवों को कवर करने के लिए 1000 नयी खेल नर्सरियाँ स्थापित करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने युवक सेवा विभाग को नौजवानों को अच्छी सेहत के लिए प्रेरित करने के लिए ट्रेकिंग, ट्रेल, टूर आदि गतिविधियों को बढ़ाने के लिए भी कहा। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग को हिदायत दी की वह पंचायतों को नशामुक्त गाँवों की शपथ लेने के लिए प्रेरित करें।
मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभागों को कहा कि वह विद्यार्थियों को नशों के बुरे प्रभावों से परिचित कराएं और उनको सेहतमंद जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के लिए भी कहा। उन्होंने आंगणवाड़ी वर्करों और स्टाफ को नशा विरोधी जन सम्पर्क कार्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए भी कहा जिससे नशों को रोका जा सके।
मीटिंग में विशेष मुख्य सचिव खेल सरवजीत सिंह, विशेष मुख्य सचिव सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास राज़ी पी. श्रीवास्तवा, डी.जी.पी. गौरव यादव, विशेष डीजीपी (विशेष टास्क फोर्स) कुलदीप सिंह, सचिव स्वास्थ्य अजोए शर्मा, सचिव गृह गुरकीरत कृपाल सिंह, कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनस्ट्रेशन अभिनव त्रिखा, डायरैक्टर जनरल स्कूल शिक्षा विनय बुबलानी, उच्च शिक्षा के डायरैक्टर अमृत सिंह, ए.डी.जी.पी. (इंटेलिजेंस) आर.के. जायसवाल, एस.सी.ई.आर.टी और एलिमेंट्री शिक्षा के डायरैक्टर अमनिंदर कौर बराड़ और ग्रामीण विकास के अतिरिक्त डायरैक्टर संजीव गर्ग शामिल थे।

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