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प्रधानमंत्री मोदी 23, 24 मई को पंजाब में तीन विस क्षेत्रों में रैली कर मतदाताओं को साधेंगे

पंजाब में आखिरी चरण में होने वाले मतदान को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने झोंकी पूरी ताकत
पंजाब में भाजपा के सबसे बड़ी चुनौती बना ग्रामीण क्षेत्र के किसानों का वोट बैंक
खबर खास, चंडीगढ़ :

पंजाब में लोकसभा चुनावों को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पूरी ताकत झोंक दी है। पंजाब में लोकसभा चुनाव आखिरी चरण में यानि एक जून को होने वाले हैं। प्रधानमंत्री 23 और 24 मई को पंजाब में तीन जगह पटियाला, गुरदासपुर और जालंधर में रैलियां कर वोटरों को साधेंगे। पंजाब में भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण क्षेत्र के किसानों का वोट बैंक बनी हुआ है।

प्रधानमंत्री 23 मई को पटियाला में भाजपा प्रत्याशी परनीत कौर के पक्ष में रैली में करने पहुंच रहे हैं जबकि अगले दिन वह गुरदासपुर में दो रैलियां कर वहां से भाजपा प्रत्याशी दिनेश सिंह बब्बू के लिए प्रचार करेंगे। इसके अलावा वह 24 मई को ही जालंधर में भाजपा प्रत्याशी सुशील कुमार रिंकू के पक्ष में प्रचार करेंगे। इन तीनों ही सीटों पर भाजपा ने जिन उम्मीदवारों को खड़ा किया है उनमें से दो दूसरी पार्टियों से भाजपा में शामिल हुए हैं। जबकि गुरदासपुर सीट पंजाब की हाईप्रोफाइल सीट मानी जाती रही है। जहां से भाजपा के विनोद खन्ना ने चार बाद चुनाव जीता था। उनकी मौत के बाद भाजपा ने यहां से अभिनेता सन्नी देओल को टिकट दिया और वह जीते भी। लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान वह इलाके में रहे ही नहीं जिससे स्थानीय लोग खासे नाराज हैं। इस सीट पर भाजपा ने दिनेश सिंह बब्बू मैदान में हैं। यहां से फिल्म अभिनेता सनी देओल ने 2019 में लोकसभा चुनाव कांग्रेस के सुनील जाखड़ को हराया था। सुनील जाखड़ अब पंजाब भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हैं। इन तीनों ही सीटों पर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसके अलावा मोदी 5 हलकों होशियारपुर, लुधियाना, श्री आनंदपुर साहिब, अमृतसर और बठिंडा और फिरोजपुर में रैलियां कर सकते हैं। उनके अलावा अमित शाह, राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ, जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी समेत कई नेता मई के आखिरी हफ्ते में पंजाब में बड़ी रैलियां करेंगे।
बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी पंजाब में आठ रैलियां करने जा रहे हैं। ऐसा पहली बार है कि जब कोई प्रधानमंत्री लोकसभा चुनाव के दौरान सीमावर्ती राज्य में आठ रैलियां करेंगे। दरअसल पंजाब में भाजपा का कोई बड़ा जनाधार नहीं है। उनके कई बड़े चेहरे दूसरी पार्टियों में चले गए हैं और जो भाजपा में हैं वह भी दूसरी पार्टियों से ही भाजपा में शामिल हुए हैं।
इसके अलावा किसान आंदोलन को लेकर भी भाजपा बैकफुट पर है। किसान आंदोलन जब दिल्ली में हुआ था तब तीन कृ्षि कानूनों को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसान सड़कों पर थे। लेकिन प्रधानमंत्री के आश्वासन के बाद भी जब किसानों की मांगे मानी नहीं गई तो वह फिर से सड़कों पर उतर गए। तब उन्हें दिल्ली जाने से रोकने के लिए हरियाणा की खट्‌टर नीत सरकार ने सड़कों पर कीलें बिछाकर किसानों की राह कठिन कर दी। इतना ही नहीं हरियाणा की भाजपा सरकार की ओर से आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से कई किसान बुरी तरह से घायल भी हो गए और कईयों की जान भी गई। अब इन्हीं किसानों ने पंजाब में भाजपा के नाक में दम कर रखा है। भाजपा के लोग गांवों में प्रचार करने नहीं जा पा रहे हैं और जो जा रहा है उसे भी किसान वापस भगा रहे हैं। इसके चलते पंजाब भाजपा का नेतृत्व बहुत परेशान है।
प्रधानमंत्री के पंजाब में रैलियां करने आने को लेकर भाजपा में खासा उत्साह है। माना जा रहा है कि मोदी के आने से यहां भाजपा के पक्ष को बल तो मिलेगा ही साथ ही जहां-जहां वह प्रचार करेंगे, वहां कांटे की टक्कर होगी। यही देखना दिलचस्प होगा।