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‘नफरती भाषण, धार्मिक या जाति के आधार पर वोट मांगने और विरोधियों पर निजी हमलों से बचें राजनीतिक पार्टियों व उम्मीदवार’

पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी सिबिन सी ने की अपील
पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी ने की राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक
खबर खास, चंडीगढ़ :
‘नफरती भाषण, धार्मिक या जाति के आधार पर वोट मांगने और विरोधियों पर निजी हमलों से राजनीतिक पार्टियों व उम्मीदवार बचें।’ यह अपील की है पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी सिबिन सी ने। आज यहां उन्ह्रोंने लोकसभा मतदान-2024 के जरूरी पहलूओं से अवगत करवाने के लिए राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से बैठक की। इस दौरान उन्होंने आदर्श चुनाव आचार संहिता के मुख्य उपबंधों की रूपरेखा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि
इस मौके पर उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी के अलावा वोटरों की कुल संख्या 2,12,71,246, पुरूष वोटर 1,11,92,959, महिला वोटर 1,00,77,543, ट्रांसजैंडर वोटर 744, अपहिज व्यक्ति 1,57,257, ओवरसीज वोटर 1597 और पोलिंग स्टेशनों की संख्या 24,433 जैसे मुख्य आंकड़ों को उजागर किया।
इसके साथ ही उन्होंने अपाहिज वोटरों और 85 साल या इससे अधिक उम्र के व्यक्तियों को घर से वोट डालने के चुनाव करने के अधिकार के बारे बताया।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीऐम) की उपलब्धता के सिबिन सी ने बताया कि राज्य में 150 प्रतिशत ईवीएम की उपलब्धता है, जो ज़रूरत से 50 प्रतिशत अधिक है। इसके इलावा, उन्होंने भरोसा दिया कि सभी पोलिंग स्टेशनों को ज़रूरी सहूलतों जैसे कि रैंप, पानी की स्पलाई, उचित रौशनी के प्रबंध और शौचालय आदि के साथ लैस किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी पोलिंग स्टेशन वोटरों के पते से 2 किलोमीटर के अंदर सुविधाजनक तौर पर स्थित होंगे।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया की अलग-अलग बातों के बारे विस्तार से बताते हुये लोक सभा मतदान के लिए उम्मीदवार की योग्यता, अयोग्यता के उपबंध (संवैधानिक और वैधानिक), नामांकन प्रक्रियाओं, नामांकनों को रद्द करने के आधार और नामांकन वापिस लेने के नियमों के साथ-साथ चुनाव चिन्ह अलाटमैंट नियमों के बारे पूरी जानकारी दी।
इस दौरान सिबिन सी ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के मुख्य उपबंधों की रूपरेखा के बारे भी बताया। उन्होंने अपील की कि राजनैतिक पार्टियों और उम्मीदवारों को नफ़रत भरे भाषण, धार्मिक या जाति आधारित वोट मांगने, विरोधियों पर निजी हमलों या ग़ैर- प्रमाणित रिपोर्टों के आधार पर आलोचना से बचना चाहिए। उन्होंने मीटिंगों और अन्य समागमों के लिए ज़िला अधिकारियों से आगामी इजाज़त लेने के बारे भी कहा।
मीटिंग के मौके पर सुविधा पोर्टल और नामांकन प्रक्रिया को सरल बनाने और राजनैतिक पार्टियों के लिए अलग-अलग इजाज़तें प्राप्त करने में इसकी भूमिका के बारे जानकारी दी गई। सुविधा पोर्टल के द्वारा उम्मीदवार ऑनलाइन नामांकन और हलफीया बयान दाखि़ल कर सकते हैं, दस्तावेज़ जमा करवाने के लिए रिटर्निंग अफसरों के साथ मीटिंगों का समय तय कर सकते हैं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारू बना सकते हैं।
मीटिंग में अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी हरीश नैयर और अभिजीत कपलिश, संयुक्त सीईओ सकत्तर सिंह बल्ल और सीईओ दफ़्तर के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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