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मुख्यमंत्री ने मुकेरियां में की अपनी किस्म की पहली ‘सरकार-व्यापार मिलनी’ की शुरूआत

कहा, पंजाब के निगरान के तौर पर समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए वचनबद्ध हूं
व्यापारियों और उद्योगपतियों को सामाजिक-आर्थिक तरक्की में सक्रिय हिस्सेदार बनने का न्योता
खबर खास, मुकेरियां (होशियारपुर) :
समाज के हर वर्ग का सर्वांगीण विकास यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह ने शनिवार को राज्य के कारोबारी भाईचारे को पेश समस्याओं के हल के लिए अपनी किस्म की पहली ‘सरकार- व्यापार मिलनी’ की शुरुआत की।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी किस्म की इस पहली पहलकदमी का उद्देश्य व्यापारी भाईचारे की भलाई यकीनी बनाना है। उन्होंने कहा कि पंजाब के आर्थिक विकास को बढ़ावा देकर राज्य की पुरातन शान बहाल करने की तरफ यह एक कदम है। मान ने कहा कि उद्योग और व्यापार हर राज्य की आर्थिकता की रीढ़ की हड्डी होते हैं, जिस कारण इसको ज़रूर बढ़ावा देना चाहिए।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राजस्व और रोज़गार सृजन करने एक ऐसा चक्कर है, जो राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। मान ने कहा कि उन्होंने मुम्बई, चेन्नई और कई अन्य बड़े शहरों का दौरा करके उद्योगपतियों को अपने व्यापार को स्थापित करने के लिए न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि वह दिन गए, जब सत्ता में बैठे लोग प्रोजेक्टों में हिस्सा मांगते थे क्योंकि अब सारा ध्यान राज्य के विकास पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक टाटा स्टील, सनातन टेक्स्टाईल और अन्य प्रमुख कंपनियों ने राज्य में 70, 000 करोड़ रुपए का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह राज्य सरकार स्थानीय उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है और वह पंजाब के असली ब्रांड अम्बैसडर हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार यह यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध है कि यह कंपनियाँ पंजाब में अपने कारोबार का विस्तार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश भर में से पंजाब की अमन-कानून की स्थिति सबसे बढ़िया है, जिस कारण उद्योग बड़ी स्तर पर पंजाब आ रहे हैं, जबकि पिछली सरकारों के दौरान नेता उद्यमों में हिस्सेदारी मांगते थे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले कारोबारों के लिए समझौते सत्ता में बैठे राजनैतिक परिवारों के साथ किये जाते थे परन्तु अब यह समझौते राज्य की तरक्की और खुशहाली के लिए किये जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पंजाबियों के हकों और हितों के रक्षक हैं, जिस कारण उनका हर कार्य समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए होता है। उन्होंने कहा कि बदकिस्मती से जो नेता राज्य की सत्ता पर काबिज़ रहे, उन्होंने पहले राज्य को बर्बाद करके बड़ी जायदाद इकट्ठी की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन नेताओं की परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में रूचि थी, जिस कारण इन्होंने लोगों की भलाई को नजरअन्दाज किया और इन नेताओं ने अपने स्वार्थों को पहल दी। मान ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही फोकल प्वाइंटों और विशेष आर्थिक जोन ( एस. ई. ज़ैड्डज़) में बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष पुलिस चौकियाँ स्थापित करके सुरक्षा यकीनी बनाने का मसौदा तैयार कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों और व्यापारियों को परेशान करने का युग ख़त्म हो गया है और राज्य सरकार अब उनकी सुविधा के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले दौर के उलट अब कोई भी उद्योगपतियों को तंग नहीं करेगा, बल्कि राज्य सरकार उद्योगों को उत्साहित करने के लिए हर संभव यत्न करेगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र का व्यापक विकास यकीनी बनाने के लिए इसको जोश के साथ लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब में मौजूदा औद्योगिक इकाईयों की सुरक्षा और विस्तार के लिए ठोस प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों ने देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन उद्योगों ने विश्व भर में अपने के लिए अहम स्थान बनाया है और राज्य सरकार इनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव यत्न करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अलग-अलग रंगों वाले स्टैंप पेपर लाए हैं, जो राज्य में औद्योगिक क्रांति के नये युग की शुरुआत करने की तरफ एक कदम हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ऐसा पहला राज्य है, जिसने उद्यमियों को अपने यूनिट स्थापित करने के लिए हरे रंग के स्टैंप पेपर जारी किये हैं, जिससे राज्य के औद्योगिक विकास को अपेक्षित बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इसको क्रांतिकारी कदम बताया, जिसका उद्देश्य राज्य में अपनी इकाईयाँ स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए कारोबार करने में सुविधा यकीनी बनाना है।
केंद्र द्वारा फंड रोकने की निंदा की
मुख्यमंत्री ने आरडीएफ और एनएचएम के तहत फंडों को रोकने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की जिससे राज्य के विकास को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से 8000 करोड़ रुपए से अधिक के फंडों को गलत तरीके से रोक दिया गया है, जोकि राज्य के साथ सरासर बेइन्साफ़ी है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार को आगामी लोक सभा मतदान में हरा कर उनको अच्छा सबक सिखाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार की तरफ से जल्द ही कैबिनेट रैंक के चेयरमैन के अधीन उद्योग सलाहकार कमीशन की स्थापना की जायेगी। उन्होंने कहा कि इस कमीशन में अलग-अलग सैक्टरों और उद्योगों के मैंबर होंगे जिससे उद्योगों सम्बन्धी समस्याओं को जल्द से जल्द हल किया जा सके। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इससे उद्योगों और व्यापारियों की सभी शिकायतों का सुचारू निपटारा यकीनी बनाने में काफ़ी मदद मिलेगी।
इससे पहले स्थानीय निकाय मंत्री बलकार सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

 

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