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श्रीमद्भगवद गीता सिखाती है  मनुष्य को बेहतर जीवन जीना : कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा

चंडीगढ़ : हरियाणा के उच्चतर शिक्षा मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भगवद गीता  मनुष्य को बेहतर जीवन जीना सिखाती है। उन्होंने कहा कि अगर हम गीता के संदेशों को अपने दैनिक जीवन में ढाल लें, तो यह हमें बेहतरी की ओर लेकर जाती है।शर्मा आज जिला फरीदाबाद के सेक्टर-12 कन्वेंशन सेंटर में आयोजित जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

जिला स्तरीय अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ यज्ञ हवन के साथ किया गया। इसके बाद उन्होंने सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी व विभिन्न विभागों  तथा  सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टालों का उद्घाटन कर उनका अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश भर में अन्तर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव जिला स्तर पर मनाए जा रहे है।

उन्होंने विश्व में श्रीमद्भागवत गीता का पहला संदेश भगवान गुरु श्री कृष्ण ने अपने शिष्य अर्जुन को गीता ग्रंथ के 18 अध्याय और 700 श्लोकों में मनुष्य के आधुनिकतम जीवन का पूरा वर्णन किया गया है। यह मानव जीवन को स्वच्छ बनाकर निष्काम भावना से कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता ग्रंथ में मनुष्य के जीवन भर की समस्याओं का समाधान का वर्णन किया गया है। भगवान श्री कृष्ण ने गुरु के रूप में अपने शिष्य अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर व्यक्ति को श्रीमद्भगवद्गीता  ग्रन्थ के सार का पूरा ज्ञान हो।उन्होंने दैनिक जीवन में काम आने वाले श्रीमद्भागवत गीता के विभिन्न संदेशों का वर्णन करते हुए कहा कि जब भी जीवन में तनाव हो उसी समय हमें गीता के बताए मार्ग पर चलकर अपने जीवन को सफल बनाना होगा। श्रीमद्भागवत गीता हमें जीवन जीने की राह बताता है। श्रीमद भगवत गीता ग्रंथ एक मात्र ऐसी रचना है जिसमें मनुष्य के जीवन दर्शन का पूरा वर्णन किया गया है कि किस प्रकार मनुष्य विवेक के साथ अपना जीवन जी सके। भगवत गीता ग्रंथ में स्पष्ट लिखा है जैसा कर्म करोगे वैसा ही फल पाओगे।

उच्चतर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश और प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में 2025 में लागू की जाने वाली  नई शिक्षा नीति युवाओं के लिए रोजगार परक शिक्षा नीति होगी। यह शिक्षा नीति युवाओं को उनके कौशल विकास के अनुरूप रोजगार देने वाली होगी। हर शिक्षित युवा रोजगार देने वाला बनेगा।