Monday , February 26 2024

शहरी स्थानीय इकाईयों में समग्र ऊर्जा दक्षता को 35-40 फ़ीसदी तक बढ़ाने के प्रयास जारी  

 

पेडा ने म्यूनिसिपल डिमांड साईड मैनेजमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत ‘‘ऊर्जा कुशल विद्युत उपकरणों’’ संबंधी तकनीकी वर्कशॉप करवाई

 

शहरी स्थानीय इकाई (यू.एल.बीज) में समग्र ऊर्जा दक्षता में सुधार करने के उद्देश्य से पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी (पेडा) द्वारा यहां पेडा ऑडीटोरियम में ‘‘ऊर्जा कुशल विद्युत उपकरणों’’ के बारे में एक तकनीकी वर्कशॉप करवाई गई।

यह वर्कशॉप ब्यूरो ऑफ एनर्जी ऐफीशियैंसी (बी.ई.ई.), ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के म्यूनिसिपल डिमांड साईड मैनेजमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत पंजाब के हिस्सेदार विभागों जैसे यूएलबीज, आवास निर्माण एवं शहरी विकास विभाग, विकास अथॉरिटी, लोक निर्माण विभाग, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, मंडी बोर्ड, पंजाब हैल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन और पीएसपीसीएल के सहयोग के साथ करवाई गई।

वर्कशॉप को संबोधित करते हुए पेडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अमरपाल सिंह ने राज्य में इमारतों, उद्योगों और नगर पालिकाओं में ऊर्जा दक्षता के महत्व और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकियों को लागू करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि म्यूनिसिपल डिमांड साईड मैनेजमेंट (एम.यू.डी.एस.एम.) एक ऐसा प्रोग्राम है जिसका उद्देश्य शहरी स्थानीय इकाईयों (यू.एल.बीज) की समग्र ऊर्जा दक्षता को 35-40 फ़ीसदी तक बढ़ाना है। यू.एल.बीज में ऊर्जा दक्षता से सम्बन्धित स्ट्रीट लाईटों, इमारतों और पानी वाले पम्पों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

एम.यू.डी.एस.एम. को उपयोगिता गतिविधियों (उपभोक्ता मीटर से परे) की योजनाबंदी, लागूकरण और निगरानी के तौर पर दिखाया गया है, जोकि उपयोगिताओं को बिजली की माँग के समय और स्तर के सम्बन्ध में, उनके बिजली उपभोग के पैटरनों में संशोधन करने के लिए तैयार किया गया है, जिससे बिजली की और अधिक कुशलता से प्रयोग करने में उपयोगिताओं की मदद की जा सके। उन्होंने आगे कहा कि ऊर्जा का सीधा प्रभाव निवासियों के रहन-सहन पर पड़ता है और इसकी मदद से हुई ऊर्जा बचत को अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।