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चार धाम यात्रा में अब तक 56 श्रद्धालुओं की मौत

देहरादून।चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की मौत का बढ़ता आंकड़ा सरकार के लिए परेशानी की वजह बनता जा रहा है. इस बीच मृतक श्रद्धालुओं के पोस्टमार्टम से कुछ ऐसा खुलासा हुआ है जिसने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है. दरअसल मरने वाले कुछ श्रद्धालु कोरोना से ग्रसित बताए गए हैं, इस खबर के सामने आते ही यात्रा पर कोरोना का खतरा मंडराने लगा है.

श्रद्धालुओं कि कोविड जांच नहीं हो रही

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा के लिए देश-विदेश से अब तक लाखों श्रद्धालु पहुंच चुके हैं. खास बात यह है कि प्रदेश में आ रहे इन श्रद्धालुओं कि ना तो कोविड जांच हो रही है और ना ही कोरोना नियमों का ठीक से पालन होता हुआ दिखाई दे रहा है. यात्रा के दौरान कोरोना की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा पर आने के बाद मरने वाले कुछ श्रद्धालुओं में कोरोना होने की पुष्टि की है. महकमे के इस खुलासे के बाद हड़कंप की स्थिति बन गई है. ऐसा इसलिए क्योंकि यात्रा में विभिन्न जगहों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और भारी भीड़ भाड़ में कोरोना का प्रसार होने की संभावनाएं बेहद ज्यादा होती हैं.

चार धाम में मौत का आंकड़ा 56 पहुंचा

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ शैलजा भट्ट ने कहा, पिछले करीब 3 हफ्तों में श्रद्धालुओं की चार धाम पर मौत का आंकड़ा 56 पहुंच चुका है. जाहिर है कि जिस तेजी से यह आंकड़ा बढ़ा है उसने सरकार को चिंता में डाल दिया है. मौत को लेकर यह आंकड़ा किस लिए आज तक सरकार को परेशान कर रहा है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है.

कोरोना की दस्तक सरकार के लिए चुनौती

सरकार के दावों और मौत के आंकड़ों के बीच कोरोना की एंट्री जले पर नमक जैसा दिखाई दे रहा है. सरकार मौत के आंकड़ों पर काबू पाने में ही नाकाम साबित हो रही है और अब कोरोना की दस्तक सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है. वह भी उन हालातों में जब हजारों की संख्या हर दिन उत्तराखंड में चार धामों में यात्री पहुंच रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर मास्क और दूसरे नियमों पर किसी का ध्यान नहीं है. इन परिस्थितियों को विपक्ष ने आड़े हाथों लेते हुए सरकार की तैयारियों को अधूरा करार दिया है.