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सीमा पर रात में उड़ान भर रहे वायुसेना के लड़ाकू विमान, चिनूक-अपाचे से थर-थर कांपे दुश्मन!

सोमवार की रात भारत-चीन सीमा पर वायुसेना के चिनूक-अपाचे विमानों ने फॉरवर्ड एयरबेस पर नाइट ऑपरेशन को अंजाम दिया. बताया जा रहा है कि भारत और चीन के बीच बीते दिनों हुई NSA प्रमुख अजीत डोभाल की बातचीत के बाद चीन अपने सैनिकों को गलवान घाटी से पीछे खींच रहा है. हालांकि यह एक चीन की चाल भी हो सकती है?. जिसको नाकाम करने के लिए भारतीय सेना और वायुसेना जमीन से आसमान तक पूरी निगरानी रखे हुए है. ताकि दुश्मनों की हर हरकत पर नजर रखी जा सके. इस बीच सोमवार को वायुसेना के लड़ाकू विमान चिनूक हेलीकॉप्टर, अपाचे, मिग-29 सहित कई विमान उड़ान भरते हुए दिखाई दिए. इन लड़ाकू विमानों के जरिए फॉरवर्ड एयरबेस पर नाइट ऑपरेशन संचालित किया गया. बताया जा रहा है कि इन विमानों को रात की गश्त के लिए तैनात किया गया है.

चूंकि रात के अंधेरे में चीन कभी भी मुकर सकता है. इससे पहले गलवान घाटी पर जो हिंसक झड़प हुई थी उसमें भी चीनी सैनिकों ने अंधेरे का फायदा उठाकर इस घटना को अंजाम दिया था. जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. जबकि चीन के 40 जवान मारे गए थे. इसी को ध्यान में रखते हुए सेना ने नाइट ऑपरेशन तेज कर दिया है.

इस फॉरवर्ड एयरबेस पर केवल अपाचे ही नहीं बल्कि चिनूक हेलिकॉप्टर ने भी यहां अभ्यास किया. मिग-29 सहित कई अन्य लड़ाकू विमान इससे पहले लेह के आसमान में भी उड़ान भरते हुए देखे गए. इसके साथ ही वायुसेना लगातार सीमा पर अभ्यास कर रही है चीन की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सेना के जवान सीमा पर तैयार है.

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मालूम हो कि पिछले साल भारतीय वायुसेना ने आठ अपाचे हेलिकॉप्टर्स को अपनी लिस्ट में शामिल किया था. जिसके बाद से सेना काफी मजबूत हुई है. इन लड़ाकू विमानों को युद्ध की स्थिति में तैयार किया जाता है, इन अपाचे हेलिकॉप्टर के निर्माण अमेरिकी कंपनी बोइंग करती है. इन विमानों की खास बात यह है कि इनमें आसानी ने हथियारों का आदान-प्रदान किया जा सकता है.  इसकी मारक क्षमता काफी खतरनाक है. इसका डिजायन ऐसा है कि यह रडार की पकड़ में भी नहीं आता. इसलिए सेना के बेड़े में इन विमानों को शामिल किया गया है ताकि दुश्मनों पर हर तरफ से पैनी नजर रखी जा सके.

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भारत-चीन सीमा के पास फॉरवर्ड एयर बेस में वरिष्ठ लड़ाकू पायलट ग्रुप कैप्टन ए राठी ने कहा, ‘नाइट ऑपरेशंस में आश्चर्य का निहित तत्व होता है. वायुसेना आधुनिक प्लेटफार्मों और प्रेरित कर्मियों की मदद से किसी भी वातावरण में ऑपरेशन के पूरे स्पेक्ट्रम का संचालन करने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित और तैयार है. उन्होंने बताया कि अपाचे लगभग 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है. ये बिना रुके लगभग तीन घंटे तक उड़ान भर सकता है, इसके अलावा इसमें 16 एंटी टैंक मिसाइल छोड़ने की क्षमता है. जो दुश्मनों को पलक झपकते ही खाक में मिला सकती है.

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