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काम आ गई डोभाल की ये चाल..बस दो घंटे की बातचीत में ही घुटने टेकने को तैयार हुआ ड्रैगन

पिछले 8 सप्ताह से भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद को लेकर जारी तकरार और टकराव का सिलसिला अब अपने विराम चिन्ह पर पहुंच रहा है? क्या अगामी दिनों में दोनों ही देशों के बीच स्थिति स्थिर होने वाली है? क्या जिस प्रकार से डोकलाम का विवाद 73 दिनों की लंबी अवधि के बाद नियंत्रित हो गया था..क्या उसी प्रकार से यह विवाद भी नियंत्रित हो गया है? ये सभी सवाल अभी सभी के जेहन में तेर रहे हैं। मालूम हो कि अब पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी से चीनी सेना 2 किलोमीटर तक पीछे जा चुकी है। जिसमें दोनों देशों के बीच तनाव खत्म होने के आसार जताए जाने लगे। जहां पर टेंट लगाए गए थे..वहां से टेंट हटाए जा रहे हैं। जिन प्वाइंट्स PP-14, PP-15, हॉट स्प्रिंग्स और फिंगर एरिया में संघर्ष की स्थिति बन रही थी, वहां से भी चीनी सेना की तैनाती खत्म की जा रही है।

रविवार को हुई थी बात 
यहां पर हम आपको बताते चले कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीनी विदेेश मंत्री से बात की थी। इस दौरान उन्होंने चीनी विदेश मंत्री से इस विवाद को खत्म करने के लिए कहा था। इस संदर्भ में भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीनी विदेेश मंत्री के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों ही पक्ष सीमा से अपने सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमत हुए हो चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों ही पक्ष सीमा से अपने सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमत हुए हैं। वहीं अब सैनिकों को सीमा से पीछे हटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उधर, वार्ता के क्रम में इस बात को लेकर भी सहमति बनी है कि अब पहले जैसी स्थिति बहाल करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। वहीं इस बात को लेकर भी स्थिति बनी है, जिसमे कहा गया है कि कोई भी पक्ष अकेले कुछ भी ऐसा नहीं करेगा.. जिससे की स्थिति तनावग्रस्त हो। हर वो मुमकिन फैसले लिए जाएंगे जिससे की स्थिति पहले की तरह हो सके।

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ऐसे हुई थी शुरूआत 
यहां पर हम आपको बताते चले कि भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प की शुरूआत 5 और 6 मई को पैंगौंग त्सो के उत्तरी तट पर हुई थी और इसके तीन दिन बाद सिक्कम नकु ला में चार भारतीय जवान और सात चीनी सैनिक कथित रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद 15 जून को भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे और चीन के 40 से भी अधिक जवान हताहत हुए थे। फिलहाल तभी से दोनों ही देशों के बीच वार्ता का क्रम जारी है और अब जाकर दोनों देश अपने सैनिकों को वहां से हटाने की बात पर सहमत हुए हैं।

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