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चीन को माकूल जवाब देने के लिए तैयार मोदी सरकार, लेकिन सामने खड़ी इन 4 चुनौतियों से पाना होगा पार

एक तरफ जहां कोरोना का वार तो वहीं चीन का विवाद तो तीसरी तरफ वर्षों पुराने मित्र रहे नेपाल का बदला रूख और उधर पाकिस्तान के साथ वर्षों से चला आ रहे अघोषित युद्ध का सिलसिला..अब ऐसे में सरकार के समक्ष एक तरफ अपने देशवासियों को कोरोना की मार से बचाना है तो वहीं अपनी शोर्यता का परिचय देकर अपने जवानों की शहादत का बदला भी लेना है। फिलहाल इस मंशा को जमीन पर उतारने के लिए सरकार की देर रात से ही बैठकों का सिलसलिा शुरू हो चुका है।

वहीं, चीन के इस हिमाकत के बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कर दिया है कि हम वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन चीन के आक्रमक रूख को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उसे इसका माकूल जवाब दिया जाएगा। अब ऐसी स्थिति में विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के समक्ष महज भारत चीन का सीमा विवाद ही नहीं है, लेकिन इसके साथ ही उन चुनौतियों ने भी पेहरा डाल रखा है। जिनसे पहले सरकार को पार पाना होगा।

सदियों पुराना रहा मित्र अब दिखा रहा आंखें 
नेपाल का बदला रूख भी अब सरकार के लिए चिंता का सबब बन चुका है। नेपाल के साथ भारत का रोटी-बेटी का रिश्ता रहा है, लेकिन नेपाल के बदले इस रूख ने न महज सरकार की चिंता ही बढ़ाई है बल्कि उसे हैरत में भी डाला है। मालूम हो कि भारत और नेपाल के बीच विवाद का सिलसिला तब शुरू हुआ, जब नेपाली संसद में नेपाल् का नया नक्शा पेश किया गया और उसमे उत्तराखंड के लिपुलेख, लिंधियापुरम और कालापानी को नेपाली नक्शे में दर्शाया गया है। जिसके बाद से ही दोनों देशों के बीच विवाद गहरा गया है। अभी कुछ दिनों पहले नेपाली पुलिस की तरफ से फायरिंग हुई थी। जिसमें एक भारतीय नागरिक क मौत हुई तो तीन घायल हो गए थे, लेकिन इस मसले को लेकर नेपाल ने साफ कर दिया था कि इसका सीमा विवाद से कोई लेना देना नहीं है।

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पाक की नापाक हरकतें
भारत की आजादी के साथ जब से पाकिस्तान अस्तित्व में आया है, तब से लगातार भारत से मुंह की खाने के बावजूद भी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं रहा है। कभी आतंकी हमला तो कभी घुसपैठ करके एलओसी पर तनाव बढ़ाने का काम करता है, लेकिन हर मौकों पर भारत से मुंह की खाने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है। कोरोना काल में भी पाकिस्तान अकारण गोलाबारी कर भारत के लिए चिंताओं की ग्राफ बढ़ा रहा है।

कोरोना का वार 
चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस का कहर अभी समस्त विश्व में जारी है। लेकिन पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर अगर गौर फरमाएं तो भारत की स्थिति लगातार संवदेनशील होती जा रही है। अब ऐसे में सरकार के समक्ष इन चुनौतियों से पार पाने की समस्या है। ऐसी स्थिति में सरकार के समक्ष अपने नागरिकों को बचाने की चुनौती पहरा दे रही है। भारत में लगातार संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ रहा है। भारत में अभी संक्रमितों का आंकड़ा 3 लाख 50 हजार के पार पहुंच चुका है।

अर्थव्यवस्था की टूटी कमर 
पहले से ही दम तोड़ चुकी देश की अर्थव्यवस्था की रह सही कसर इस कोरोना वायरस ने पूरी कर दी है। पिछले 45 साल के बेरोजगारी का रिकॉर्ड जब भारत में टूटा, तभी से विशेषज्ञों की चिंताओं का सिलसिला शुरू हुआ। सरकार के समक्ष संवेदनशील होती अर्थव्यवस्था को दुरूस्त करने की चुनौती सामने पहरा दे रही है। वो भी ऐसे समय में जब देश में लगातार कोरोना का कहर बरप रहा है।

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