Breaking News

30 दिन में 3 ग्रहण, जानें ग्रहण का यह असर कैसे दिन दिखाएगा

सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse)  चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक खगोलीय घटनाएं हैं जिसका व्यापक असर सारे दुनिया पर पड़ता है इस बार जून से जुलाई माह के बीच तीन ग्रहण लगेंगे 5 जून को चंद्र ग्रहण के साथ पहले ग्रहणकाल की आरंभ होगी इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण लगेगा, जिसे हिंदुस्तान समेत एशिया  दक्षित पूर्व यूरोप में देखा जा सकेगा

5 जुलाई को चंद्र ग्रहण लगेगा जोकि इस वर्ष का तीसरा चंद्र ग्रहण होगा लेकिन इसे हिंदुस्तान में नहीं देखा जा सकेगा यह चंद्र ग्रहण अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण पूर्व यूरोप में देखा जा सकेगा इस खगोलीय घटनना पर अभी से संसार भर के वैज्ञानिकों  ज्योतिष शास्त्र के विद्वानों की नजरें लगी हुई हैं क्योंकि इन ग्रहणों का भारी प्रभाव देखा जाएगा आइए जानते हैं ग्रहण का मतलब  यह ग्रहण दुनिया के लिए क्या असर लेकर आएगा  ग्रहण से जुड़ी मान्यताएं

ग्रहण का मतलब:

सूर्य ग्रहण: सूर्य ग्रहण यह लगता है जब चंद्रमा, पृथ्वी  सूर्य के बीच में से गुजरता है

चंद्र ग्रहण: चंद्र ग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी चंद्रमा के अच्छा पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाती है

ग्रहण का प्रभाव: हिंदू धर्म में ग्रहण का असर बहुत ज्यादा व्यापक बताया गया है ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हिंदुस्तान समेत सारे दुनिया के लिए 21 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण बहुत ज्यादा जरूरी है यह ग्रहण मिथुन राशि में होगा ग्रहण काल में मंगल मीन राशि में बैठा है  उसकी नज़र सूर्य, बुध, चंद्रमा  राहु पर है जोकि एक अशुभ इशारा का सूचक है ग्रहण काल में ही शनि, बुध, गुरु  शुक्र जैसे जरूरी ग्रह वक्री चाल चल रहे हैं ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की इस चाल से सारे दुनिया में उहापोह की स्थिति पैदा हो सकती है ज्योतिष शास्त्र में इस बात का उल्लेख है कि जब ये बड़ी गृह वक्री चाल चलते हैं तो दुनिया में महान प्राकृतिक आपदाएं आने की आसार बनी रहती है प्राकृतिक आपदाओं से कई तरह से नुकसान हो सकते हैं

ग्रहों की इस स्थिति से सीमा टकराव  आपसी तनाव की स्थिति बन रही है प्राकृतिक आपदाओं के लिए भी यह स्थिति शुभ नहीं है ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण 21 जून अर्थात आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन मिथुन राशि  मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा मिथुन राशि पर सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा

Loading...

ग्रहण से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं:

हिंदू धर्म की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में भगवान की पूजा अर्चना करनी चाहिए या वैदिक मंत्रों का जाप करना चाहिए

ग्रहण काल में चंद्रमा की किरणें बेकार असर पैदा करती हैं जब ये किरणें खाने पर पड़ती हैं तो खाना दूषित हो जाता है

स्कंदपुराण में इस बात का जिक्र है कि अगर जातक ग्रहण काल में किसी दूसरे के घर भोजन करता है तो उसके पिछले 12 वर्षों का पुण्य खत्म हो जाता है

ग्रहणकाल लगने से पहले भोजन  पानी में तुलसी के पत्ते डाल के रख देने चाहिए इससे भोजन की शुद्धता बरकरार रहती है

पुराणों में इस बात का उल्लेख है कि अगर ग्रहण काल में जातक भोजन करता है तो उसे पाचन संबंधी कई प्रकार की परेशानियां हो सकती हैं

error: Content is protected !!
%d bloggers like this:
http://newsindialive.in/ Digital marketting agency/